पानी के अभाव में मुरझाती फसल देख किसान हताश हो गया। शुक्रवार की दोपहर वह
पानी का इंतजाम करने गया था लेकिन सफलता नहीं मिली।े इससे परेशान होकर वह
घर आकर लेट गया और उसके सीने में दर्द होने लगा। परिजनाें ने कराह सुनी तो
उसे अस्पताल लाए जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनाें ने बताया कि
उस पर बैंक
और साहूकार का करीब दो लाख रुपये कर्ज भी था। एट थाना क्षेत्र
के गांव पिरौना निवासी लल्लूराम (60) के पास 12 बीघा जमीन थी। उसने पांच
बीघा में गेहूं, पांच बीघा में मटर व दो बीघा में आलू की फसल बोई थी। इस
बीच नहर न चलने के कारण उसकी फसल मुरझाने लगी। वह कई दिन से पानी की जुगाड़
में था लेकिन उसे नलकूप से पानी नहीं मिला। शुक्रवार
की दोपहर भी वह अपने
खेत पर गया। यहां फसल मुरझाते देखकर उसकी तबियत बिगड़ गई और वह घर पहुंचा।
यहां सीने में दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए जहां उपचार के दौरान
उसकी मौत हो गई। परिजनाें ने बताया कि लल्लूराम के ऊपर इलाहाबाद बैंक एट का
करीब एक लाख व एक लाख रुपये गांव के साहूकाराें का कर्ज था।
थानाध्यक्ष
वीरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनाें ने मामले की सूचना थाना पुलिस को नहीं
दी है लिहाजा मामले की जानकारी नहीं है। बताते चलें कि सूखा के कारण जिले
केे किसानाें का बुरा हल है और कहीं किसान सदमे से मर रहे
हैं तो कहीं
किसान आत्महत्या को मजबूर है। नहराें में धूल उड़ रही है और फरवरी में ही
जलस्तर नीचे खिसक रहा है। ऐसे में किसानाें की चिंता और बढ़ रही है।