उरई (जालौन)। खनन माफिया अब गिट्टी लदे ट्रकाें के बीच मौरंग के ट्रक गुजार रहे हैं। इससे कथित तौर पर पुलिस व खनन विभाग भी उन्हें पकड़ नहीं पा रहा। इस समय एक ट्रक मौरंग की कीमत करीब पचास हजार रुपये बताई जाती है।जिले के खरका, टीकर से लेकर कुठौंद व रामपुरा में अवैध खनन का खेल जारी है। पिछले दिनाें रामपुरा के पहुज नदी में खनन को लेकर दो पक्षाें में फायरिंग भी हुई थी जिसमें रिपोर्ट भी दर्ज है लेकिन अब तक किसी को पकड़ा नहीं जा सका। कोटरा, एट, आटा व कदौरा थाना पुलिस ने अब तक कई ट्रैक्टराें को पकड़कर सीज करने की कार्रवाई की लेकिन माफियाआें पर हाथ डालने की पुलिस हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। इससे यह तय है कि यहां पर लोगाें को सीबीआई की जांच का डर नहीं है।
थानाें से लेकर अधिकारियों तक जाता है ‘चढ़ावा’
उरई अवैध मौरंग खनन में नीचे से लेकर ऊपर तक चढ़ावे का खेल चलता है। सूत्राें की मानें तो जिले में मौरंग माफिया थानाें से लेकर अधिकारियाें तक कमीशन पहुंचाते हैं। बीते दिनाें बांदा डीएम व एसपी की रेट सूची भी अमर उजाला मौरंग माफियाआें की डायरी से उजागर कर चुका है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
अवैध खनन के बावत खनिज अधिकारी राजेश कुमार ने स्वीकारा कि चोरी-छिपे खनन हो रहा है। उन्होंने कई ट्रैक्टरों को सीज किया है। पुलिस फोर्स न होने के कारण वह कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। सूचना पर छापेमारी की जाती है।