ऊमरी (जालौन)। दीवाली में घर की लिपाई-पुताई के लिए मिट्टी खोद रही किशोरियां टीला धंसने से दब गईं। चीख पुकार सुनकर दौड़े लोगों ने आनन फानन में मिट्टी हटाकर उन्हें बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल ले गए। जहां पर एक किशोरी की हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने मेडिकल कालेज उरई रेफर कर दिया और दो किशोरियों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया।
रामपुरा थाना क्षेत्र के ऊमरी कस्बा निवासी रामबहादुर की पुत्री मोहिनी (12), छोटेलाल दोहरे की पुत्री पूजा (17), बृजकिशोरी दोहरे की पुत्री सुष्मिता (11) शुक्रवार की सुबह सड़क के किनारे टीले से दीवाली के मद्देनजर घर में लिपाई-पुताई के लिए मिट्टी खोद रही थी। तभी अचानक टीला धंस गया। जिससे मलबे में तीनों किशोरियां दब गई और चीखपुकार मच गई।
किशोरियों के ऊपर मिट्टी का पहाड़ गिरता देख आसपास मौजूद लोग दौड़े और फौरन मिट्टी का ढेर हटाकर किशोरियों को बाहर निकालने में जुट गए। इस बीच उनके परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मिट्टी के ढेर से निकलीं किशोरियों को तत्काल ही नजदीक के अस्पताल भेजा गया। जहां पर मोहिनी की हालत नाजुक होने पर डाक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज उरई रेफर कर दिया।
पूजा और सुष्मिता को मामूली चोटें आने से उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। परिजन बार-बार अपनी बच्चियों को सीने से लगाकर बिलख रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हुई बरसात के कारण मिट्टी के टीले काफी खतरनाक हो गए हैं। यदि बच्चियों को निकालने में कुछ देर और हो जाती तो कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती थी। वहीं पुलिस ने बताया कि फिलहाल मेडिकल कालेज में भर्ती मोहिनी की हालत में कुछ सुधार है लेकिन अभी भी वह खतरे से पूरी तरह बाहर नहीं है। हादसे के बाद गांव के किसी भी बच्चे ने टीले की ओर जाने की हिम्मत नहीं की।
घटनास्थल पर लगी भीड़- फोटो : ORAI