ज्योति द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट
- फोटो : ORAI
उरई। मां मुझे सपने में रोज बुलाती है, पापा अपना ख्याल रखना जैसे शब्द लिखकर 18 वर्षीय युवती ने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घर लौटे पिता ने जब बेटी का शव फंदे से लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस को शव के पास ही युवती के हाथ का लिखा सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें युवती ने खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। शहर कोतवाल शिव गोपाल ने बताया कि दो माह पहले ही युवती की मां का निधन बीमारी के चलते हो गया था। जिसके बाद से वह काफी दुखी रहती थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुशीलनगर निवासी रामसिंह चौहान की 18 वर्षीय बेटी ज्योति ने गुरुवार की दोपहर घर में दुपट्टे से फांसी लगाकर जान दे दी। पुताई का काम करने वाले रामसिंह जब शाम चार बजे घर लौटे तो देखा कि बेटी का शव फंदे से लटक रहा है। शव देखते ही पिता रोते हुए चीख पड़े। जिस पर पड़ोसी भी आ गए और फिर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रामसिंह ने पुलिस को बताया कि ज्योति की मां का दो माह पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था तभी से वह गुमसुम रहती थी। मजदूरी कर वह इकलौती बेटी का पालन पोषण लाड़ प्यार से कर रहा था। ज्योति ने कक्षा नौ तक की पढ़ाई की थी। ज्योति अपनी मां से बेहद प्यार करती थी। कोतवाल का कहना है कि फिलहाल किसी भी तरह के आरोप प्रत्यारोप की बात भी सामने नहीं आई है।
पापा आई लव यू, मैं जा रही हूं
ज्योति अपनी मां से कितना प्यार करती थी, यह उसके सुसाइड नोट के एक एक शब्द से साफ झलक रहा था। नोट में लिखा है कि पापा आई लव यू, मैं जा रही हूं। मां मुझे रोज रोज सपने में बुलाती है। बहुत बुला रही है, मैं जा रही हूं। अपना ख्याल रखना। मेरी मौत की जिम्मेदार में स्वयं हूं।
धरे रह गए बेटी ब्याहने के अरमान
पिता रामसिंह कभी सुसाइड नोट वाले कागज के टुकड़े को तो कभी बेटी के शव को सीने से लगाकर दहाड़े मार रहा था। परिजनों ने बताया कि आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी न होने के बाद भी रामसिंह के बड़े अरमान थे कि बेटी की शादी धूमधाम से करेगा, किसी को क्या पता था कि बेटी की डोली की जगह उसकी अर्थी को कंधा देना पड़ेगा।
ज्योति की फाइल फोटो- फोटो : ORAI