नोट बंदी के बाद से जिले भर के लोग परेशान हैं। शनिवार को नोट बंदी का 18वां दिन था। धीरे धीरे पटरी पर आती व्यवस्था के बाद अब लोगों के हाथों में 2 हजार के नोट दिखाई देने लगे हैं। लोगाें की मानें तो बड़े नोट तो मिल गए हैं लेकिन अभी भी इनका छुट्टा कराने की परेशानी उन्हें झेलनी पड़ती है। शनिवार को बैंकों के बंद होेने और कई एटीएम के काम न
करने या बंद रहने की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ा। यहां उल्लेखनीय है कि सप्ताहांत में बैंक बंद रहने और एटीएम चालू रहने की बात सरकार की ओर से कही गई थी। बावजूद इसके जिले के अधिकांश एटीएम नहीं चले। इक्का दुक्का जो चल भी रहे थे उनके बाहर लंबी लाइन थी। बताते चलें कि नोट बंदी के बाद से ही सरकार समय-समय पर ग्राहकों की राहत के
लिए नई-नई घोषणाएं कर रही है लेकिन हकीकत में इनका क्रियान्वयन नहीं होने से जनता की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। उधर, नगर की एसबीआई की मुख्य शाखा के मैनेजर रवी रंजन वर्मा ने बताया कि उनके पास शनिवार तक सिर्फ दो हजार के ही नोट उपलब्ध हैं। कहा कि उन्हें पांच सौ की नई करेंसी अभी प्राप्त नहीं हुई है।
रुपये लेनदेन में घंटों होता है बरबाद
खातों में रुपये जमा करना हो या फिर निकालना। बैंकों के बाहर लंबी लाइनों में लगना मजबूरी बन गई है। फिर लाइन में घंटों तक खड़े रहना पड़ता है। इससे तकलीफ और भी बढ़ जाती है। मुजाहिर खां ने कहा कि शनिवार को बैंक बंद थे। उन्हें उम्मीद थी कि बैंकों के एटीएम खुले होंगे पर शहर के 70 प्रतिशत एटीएम उन्हें बंद मिले। कहा कि कुछ एक एटीएम खुले थे तो उनमें पैसा नहीं था। वहीं जिनमें पैसा था, उनके बाहर इतनी लंबी लाइन लगी थी कि घंटों बाद भी शायद ही नंबर आ पाता। ऐसे में उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
दो घंटे लगे लाइन में, फिर मिले दो हजार
जनपद में स्थापित सभी एटीएम मशीनों पर लोगों की लंबी कतारें लगीं दिखाई देती हैं। शनिवार को एसबीआई के मुख्य ब्रांच पर स्थित एटीएम से रुपये निकालने गए सुनील पाठक कहते हैं कि लाइन लंबी होने से दो घंटे बाद जब नंबर आया तो उनके खाते से केवल दो हजार रुपये निकले। जबकि उन्हें जरूरत ज्यादा पैसों की थी।
रुपये निकालने को लगी रही लाइन
नगर के रेलवे स्टेशन स्थित एसबीआई के एटीएम में लोगों की लंबी कतार लगी देखी गयी। यहां पर भी एटीएम मशीन में पांच सौ के नोट नहीं थे और यहां से सिर्फ दो हजार के ही नोट कार्ड धारकों को निकालते हुए देखा गया।