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Jalaun News: सौ से ज्यादा प्रतिबंधित पक्षी और कछुए बरामद, युवक गिरफ्तार

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उरई। शहर में शुक्रवार को वन विभाग ने एक दुकान से प्रतिबंधित और संरक्षित श्रेणी के सौ से ज्यादा पक्षी और कछुए जब्त किए हैं। इनमें उल्लू, बाज, नीलकंठ, विदेशी प्रजाति के कछुए, तोते और कई दुर्लभ चिड़िया भी शामिल हैं। मौके से एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया है।
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डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि वन विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि शहर के अंदर एक दुकान में अवैध रूप से संरक्षित पक्षियों और कछुओं की बिक्री हो रही है। इस पर विशेष टीम गठित कर शुक्रवार दोपहर ढाई बजे के करीब सब्जी मंडी स्थित दुकान पर छापेमारी की गई। इस दौरान एक उल्लू, एक बाज, एक नीलकंठ, करीब 20 से ज्यादा तोते, 30-40 प्रतिबंधित विदेशी चिड़ियां और 25 से अधिक कछुए बरामद किए गए। मौके से जावेद मंसूरी को गिरफ्तार किया है। वन विभाग के अधिकारी जावेद से पूछताछ कर रहे हैं।
विदेशी कछुओं की तस्करी की आशंका
डीएफओ बताया कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 और 2 में उल्लू, बाज, नीलकंठ, तोता, कछुआ जैसी प्रजातियों को संरक्षित घोषित किया गया है। इनका शिकार, व्यापार, संग्रह, और प्रदर्शन पूरी तरह गैरकानूनी है। दोषी पाए जाने पर तीन से सात साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। बरामद कछुओं के बारे में वन विभाग को शक है कि वे स्थानीय नहीं, बल्कि विदेशी प्रजाति के हैं। यह प्रायः तस्करी के जरिए देश में लाए जाते हैं। इनका उपयोग कथित तौर पर पूजा-पाठ और तांत्रिक क्रियाओं में होता है। विभाग इस एंगल से भी जांच कर रहा है कि क्या कोई अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह जिले में सक्रिय है।
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पिंजरों में कई तोते मृत मिले
डीएफओ बताया कि दुकान से बरामद पिंजरों में कई तोते मृत मिले। भूख-प्यास और लंबे समय तक कैद में रहने से इनकी हालत बेहद खराब थी। मौके पर ही वन विभाग ने जीवित पक्षियों को पानी और भोजन उपलब्ध कराया। इस ऑपरेशन में तीन रेंजर, छह वन दरोगा, एक महिला दरोगा और अधिकारी एसडीओ साजिद अली, प्रीति यादव, संजय माथुर, रंजीत, ओमप्रकाश प्रमुख रूप से शामिल रहे।


सभी जब्त जीव-जंतुओं को भेजा जाएगा रेस्क्यू सेंटर
डीएफओ बताया कि सभी जब्त जीव-जंतुओं को रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। वहां इनका इलाज और पुनर्वास किया जाएगा। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी भी दुकान, बाजार या व्यक्ति के पास संरक्षित जीव-जंतुओं की बिक्री या कैद की सूचना हो तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
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