सात महीने से मानदेय न मिलने से राजकीय मेडिकल कालेज के संविदा कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को सभी संविदाकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसके चलते अस्पताल की ओपीडी व मेडिकल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। दोपहर बाद संविदा कर्मियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन देकर मानदेय दिलाने की मांग की।
मालूम हो कि मानदेय न मिलने के मसले को लेकर पांच दिन पहले भी मेडिकल कालेज के संविदा कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। कालेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मेजर रणवीर सिंह के आश्वासन पर वे काम पर लौट आए, लेकिन इसके बाद भी उन्हें मानदेय नहीं मिला।
इससे नाराज संविदा कर्मी सोमवार को मेडिकल कालेज की ओपीडी के सामने बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। दोपहर बाद सभी संविदा कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम रामगणेश को ज्ञापन सौंपकर मानदेय दिलाने की मांग की।
डीएम रामगणेश ने संविदा कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वह शासन से इस संबंध में बात कर समस्या का समाधान निकालेंगे। दरअसल, जून 2013 में हर्ष इंटर प्राइजेज गोमती नगर लखनऊ संस्था के माध्यम से मेडिकल कालेज उरई में संविदा कर्मचारियों को तैनाती की थी।
इस दौरान 72 वार्ड ब्वाय, 50 सफाई कर्मचारी, 29 गार्ड एवं 11 गनमैन की नियुक्ति की गई थी। उधर, जब हर्ष इंटर प्राइजेज के डायरेक्टर लाल जी मिश्रा से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों की समस्या का जल्द समाधान कर दिया जाएगा।