विकास खंड रामपुरा के कस्बा जगम्मनपुर में 15 दिनों से फैली खसरा की बीमारी ने आखिर एक गरीब बच्चे की जान ले ली। प्रधान का दावा है कि उसने सीएमओ को फोन से एक सप्ताह पहले बीमारी फैलने की जानकारी दी थी। इस पर आश्वासन दिया गया कि डाक्टरों की टीम भेजी जाएगी मगर आज तक टीम नहीं पहुंची। इसका नतीजा है कि एक बच्चे की जान
चली गई। जगम्मनपुर में 15 दिनों से कई लोग खसरा की चपेट में हैं। यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर न होने से इस बीमारी से पीड़ितों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। जगम्मनपुर निवासी गरीब परिवार के शिवशंकर के पुत्र सर्वेंद्र (13) को भी खसरे ने अपनी चपेट में ले लिया। तेज बुखार सिरदर्द केे बाद शरीर में पडे़ फफोलों से उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
परिजन रामपुरा स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे तो डाक्टरों ने बिना देखे और बिना दवाएं दिए टरका दिया। आसपास के लोगों से चंदा कर परिजन उसे कानपुर रीजेंसी ले गए जहां सोमवार की देर रात इलाज के दौरान सर्वेंद्र की मौत हो गई। ग्राम प्रधान राहुल मिश्रा ने बताया कि जगम्मनपुर में डाक्टर नहीं है। उरई में फोन से सीएमओ को इस बीमारी की जानकारी दी थी।
मगर आज तक कोई भी डाक्टर जगम्मनपुर नहीं पहुंचा। एक दर्जन अन्य लोग भी इस इस बीमारी से जूझ रहे हैं। मगर इनका हाल जानने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है।
इस संबंध में सीएमओ डा. अजीत कुमार जायसवाल का कहना है कि बच्चे की बीमारी से मौत की जानकारी नहीं है। खसरे की सूचना मिलते ही मंगलवार को डाक्टरों की एक टीम रामपुरा भेजी गई थी। यहां बीमार लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। प्राथमिक उपचार किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित दवाएं बंटवाई जाएंगी।