सूखे बुंदेलखंड में अबकी दफा एक बार फिर बची खुची फसलों को ओलावृष्टि ने तबाह क्या किया। किसान भुखमरी के मुहाने पर आ पहुंचा है। ऐसी ही समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन ने तहसील में ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ कार्यक्रम के तहत हंगामी प्रदर्शन कर सरकार और अधिकारियों को किसान विरोधी बताते हुए उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई।
उन्होंने कहा कि यह अधिकारी जनता के सेवक होकर जनता पर ही गुर्राते हैं और उनकी नहीं सुनते हैं। वयोवृद्घ किसान नेता कन्हैयालाल छानी की अध्यक्षता में आहूत इस धरना में भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार ने कहा कि तहसील कोंच में दस साल से दैवी आपदा से त्रस्त किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। अति और ओलावृष्टि से किसान
भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। ऐसे में भी न तो सरकार और न ही अधिकारी अन्नदाता की सुध ले रहे है। बीमा प्रीमियम कटने के बाद भी किसानों को क्लेम न मिलना किसान के साथ बेईमानी है और इस स्थिति पर अधिकारियों का मौन आश्चर्यजनक है। संगठन के बुंदेलखंड अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने गेहूं क्रय केंद्रों को मखौल बताते हुए कहा कि अभी तक
केंद्रों के चालू न होने से किसान अपनी उपज औने पौने दामों पर बेचने को मजबूर है। संचालन चंद्रशेखर दुवे कैथी ने किया, आभार तहसील अध्यक्ष चतुरसिंह ने जताया। धरना को डॉ. केदारनाथ सिमिरिया, रामलखन इटा, ब्रजेश राजपूत, सुरेशसिंह चौहान, रामकुमार पटेल, देवसिंह पटेल, जेंटरसिंह, डॉ. पीडी निरंजन, भगवानसिंह कुशवाहा, रामसिंह पचीपुरा, रामप्रताप
घमूरी, महेन्द्रसिंह कौरव, राजा मानसिंह, हरीराम लखेरे, जुगलकिशोर देवगांव, गयाप्रसाद, जयराम इमलौरी, प्रमोदकुमार पड़री, रामप्रताप लल्ला आदि ने भी संबोधित किया। बाद में जिलाधिकारी को संबोधित चौदह सूत्रीय ज्ञापन राजस्व निरीक्षक व कोतवाल मनवीर सिंह को सौंपा।