उरई (जालौन)। लाखों की टप्पेबाजी के मामले में महोबा से आई एसओजी टीम के सिपाहियों के साथ ढाबे में कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर मारपीट होने लगी। एसओजी प्रभारी और ढाबा संचालक को काफी चोटें भी आई हैं। सूचना पर पहुंची कुठौंद पुलिस ढाबा संचालक और उसके साथियों को पकड़कर ले आई। पुलिस ने एसओजी प्रभारी की तहरीर पर संचालक और उसके साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। ढाबा क्षेत्र के एक भाजपा के पूर्व विधायक के रिश्तेदार का बताया जाता है।
बता दें कि जनपद महोबा में बीते दिनों हुई टप्पेबाजी के मामले में कुठौंद पुलिस कुछ महिलाओं को पकड़कर लाई थी। सूचना पाकर गुरुवार को महोबा एसओजी प्रभारी भूपेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ कुठौंद आ गए। रात करीब 10 बजे एसओजी के सिपाही क्षेत्र के शेखपुर स्थित ढाबे पर खाना खाने पहुंचे। यहां ही एसओजी टीम का ढाबा संचालक राघवेंद्र सिंह से विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ गई एसओजी और ढाबा संचालक पक्ष में मारपीट शुरू हो गई और दोनों पक्षों में जमकर बंदूकों की बटें चलीं।
इसमें एसओजी प्रभारी भूपेंद्र सिंह के सिर पर चोटें आई और संचालक राघवेंद्र सिंह का पैर टूट गया। एक अन्य एसओजी का सिपाही भी मारपीट में घायल हुआ। बवाल की खबर पाकर बड़ी संख्या में गांव के लोग भी वहां आ गए। इससे ढाबे पर अफरा तफरी का माहौल हो गया। बवाल की खबर पाकर कुठौंद पुलिस भी मौके पर पहुंची जो दोनों पक्षों को थाने ले आई। मामले को लेकर महोबा एसओजी प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने ढाबा संचालक राघवेंद्र सिंह सहित आशुतोष, अखंड प्रताप, मनोज, राघव और पंकज पूरन के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ढाबा संचालक राघवेंद्र सिंह की तरफ से भी एसओजी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर यशवीर सिंह का कहना है कि ढाबा संचालक की तहरीर पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। ढाबा संचालक का आरोप है कि एसओजी वाले घटनास्थल पर लगे सीसी कैमरे की डीवीआर भी अपने साथ ले गए हैं।