उरई। घर में घुसकर नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, मारपीट तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने वालों को पॉक्सो कोर्ट ने तीन साल की कैद सुनाई है। दोषी पर चार हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
थाना आटा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 19 नवंबर 2022 को तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री घर में अकेली थी। इसी दौरान भूवन यादव उर्फ धरम सिंह घर में घुस आया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर उसने मारपीट की तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया।
पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने भूवन के खिलाफ विभिन्न धाराओं एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। 21 नवंबर 2022 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी होने के बाद 11 दिसंबर 2022 को पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर मजबूत पैरवी की।
गुरुवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी भूवन यादव उर्फ धरम सिंह को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए चार हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।