पौधशाला का निरीक्षण करते बीडीओ
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जुलहटी मार्केट के व्यापारियों ने कोरोना जांच में प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाकर जांच का विरोध किया। व्यापारियों का आरोप है कि एक जाति विशेष की वजह से यहां के लोगों की बार-बार सैंपलिंग कराई जा रही है।
जिससे यहां के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। जांच के विरोध में व्यापारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा और काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने सीओ को ज्ञापन दिया।
बता दें कि बीते दिनों मोहल्ला मिर्जामंडी में आधा दर्जन कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए थे। जिसके बाद जुलहटी मार्केट को सील कर रेड जोन घोषित कर दिया गया था। रेड जोन की अवधि 21 दिन पूरे होने बाद सशर्त गुरुवार से मार्केट खुलने लगा था।
आरोप है कि इसके बाद प्रशासन द्वारा संक्रमित मरीजों के घर के आसपास रहने वाले दुकानदारों तथा नागरिकों को कोराना के सैंपल हेतु चिह्नित किया जाने लगा। इसकी जानकारी मिलते ही दुकानदार भड़क गए। शनिवार सुबह 10 बजे दुकानदार सभी व्यापारी बाजार में एकत्रित हो गए और काली पटटी बांध कर दुकानों के वाहर धरने पर बैठ गए।
जुलहटि व्यापार मंडल अध्यक्ष बरकत अंसारी ने तहसील प्रशासन पर एक नियम से जांच न कराने का आरोप लगाया है। सीओ राहुल पांडे व कोतवाल मानिकचंद्र पटेल के आश्वासन के बाद दुकानदारों ने धरना समाप्त कर प्रतिष्ठान खोल लिए।
इस दौरान पूर्व शहर पेश इमाम कारी शमशुद्दीन, पेश इमाम नजमुल हुदा, शमशुल हुदा, एनुल हसन मंसूरीए बरकत अंसारी, अब्दुल बाकी आदि मौजूद रहे।