उरई। किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के करीब पांच साल पुराने मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायालय ने दोषी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह की अदालत ने दोषी अंशू उर्फ अनिल पर 28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की निवासी महिला ने आठ जुलाई 2021 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि जालौन के मोहल्ला मुरली मनोहर निवासी अंशू उर्फ अनिल उसकी किशोरी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपहरण और पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर किशोरी को खोज लिया। इसके बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए। किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म समेत अन्य संबंधित धाराएं बढ़ाईं। विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी, पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान दर्ज कराए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे 20 वर्ष के कारावास और 28 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।