फोटो-18-जांच करते एसडीएम व एसीएमओ। संवाद
कालपी। अवैध अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को नगर में छापेमारी अभियान चलाया। जांच के दौरान महाकाल पैथोलॉजी केंद्र में अनियमितताएं मिलने पर उसे सील कर दिया गया, जबकि एक निजी कालपी अस्पताल में कमियां पाए जाने पर नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डीएम राजेश कुमार पांडेय को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद तहसील स्तर पर जांच टीमों का गठन किया गया है। इसी क्रम में सोमवार दोपहर एसडीएम अमित शेखर, एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह व सीओ राजेश कमल ने संयुक्त रूप से नगर में अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों का निरीक्षण किया।
छापेमारी के दौरान कोतवाली के निकट संचालित महाकाल लैब की जांच की गई। टीम को मौके पर कोई लैब टेक्नीशियन नहीं मिला। आवश्यक मानकों का पालन न होने और तकनीकी कर्मी की अनुपस्थिति को गंभीर अनियमितता मानते हुए प्रशासन ने पैथोलॉजी केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
इसके बाद टीम ने पास स्थित कालपी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में भी कुछ कमियां पाई गईं। एसडीएम ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी की सूचना नगर में फैलते ही कई निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में ताले पड़ गए। बताया जाता है कि कई संचालकों ने टीम के पहुंचने से पहले ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, जिसके चलते जांच दल केवल दो स्थानों पर ही कार्रवाई कर सका।
एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में अवैध अस्पतालों और बिना मानक संचालित चिकित्सा संस्थानों को किसी भी कीमत पर संचालित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से नगर में संचालित निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी केंद्रों और क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।