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खाली पड़ी रेलवे की जमीन पर माफिया ने की मौरंग के डंप

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उरई। मौरंग खनन के बाद माफिया ने अब रेलवे की जमीन पर नजरें जमा दी है। खाली पड़ी रेलवे की जमीन पर मौरंग के डंप दिखाई दे रहे हैं। जिस पर बुधवार को आरपीएफ कमांडेंट के आदेश पर अभियान भी चलाया गया। गुरुवार को कमांडेंट की टीम जब अभियान का असर देखने पहुंची तो पता लगा कि डंप कराने में आरपीएफ के ही कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत है। अब ऐसे संदिग्धों की भी जांच कराई जा रही है।
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बता दें कि बीते करीब पंद्रह दिनों से आरपीएफ इंस्पेक्टर की कुर्सी खाली है। पूर्व इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय के स्थानांतरण के बाद अभी तक किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। आरपीएफ के के सूत्रों का कहना है कि इसी बीच खनन का काम बंद होकर मौरंग माफियाओं ने डंप का खेल शुरू कर दिया। जिसमें आरपीएफ के कुछ लोगों से सांठगांठ रेलवे की जमान पर डंप करना शुरू कर दिया। लगातार मिल रही शिकायत के बाद बुधवार को कमांडेंट के निर्देश पर अभियान तो चला और कुछ डंप भी हटे लेकिन आरपीएफ में शामिल डंप कराने वाले साफ बच निकले। गुरुवार को कमांडेंट की टीम के निरीक्षण में यह बात भी सामने आई कि विभाग के ही कुछ कर्मियों के इशारे पर डंप कराया जा रहा है। प्रति डंप से प्रति माह डेढ़ से दो लाख की रकम मौरंग माफियाओं से ली जा रही है। आरपीएफ कमांडेंट जेतिन बी राज का कहना है कि यदि वाकई डंप कराने में विभाग के लोगों की संलिप्तता की शिकायत पर जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। रही बात नए इंस्पेक्टर की तैनाती की तो वह भी शीघ्र होने की संभावना है।
टीम के सामने भी दिखे डंप
गुरुवार को आरपीएफ झांसी क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एसएन पाटीदार के नेतृत्व टीम अभियान के असर का निरीक्षण करने आई तो रेलवे की जमीन पर मौरंग व गिट्टी के डंप देख दंग रह गई। मौजूद आरपीएफ के अधिकारियों से सवाल जवाब किए गए तो उनकी भी सिट्टी पिट्टी गुम हो गई। टीम ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी दिन औचक निरीक्षण किया जाएगा और यदि डंप मिला तो कराने वाले भी कार्रवाई से नहीं बचेंगे।
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स्टेशन अधीक्षक और आईओडब्ल्यू के लिए बयान
क्राइम ब्रांच की टीम ने स्टेशन अधीक्षक एपी वर्मा और आईओडब्लू सीपी ओमरे से भी अलग अलग कमरे में गोपनीय तरीके से बयान लिए। उनसे पूछा कि उन्होंने कितनी बार डंप के बारे में शिकायत की है। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि उन्होंने तो हाल ही में डंप हटाने को कहा था। जबकि आईओडब्लू ने कई बार नोटिस देने की बात कही।
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