कालपी/ कदौरा। कदौरा से राठ मार्ग पर जाम की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है। बीते 48 घंटे में कई बार जाम लग चुका है। बुधवार सुबह स्कूली बच्चों को लेकर जा रहे वाहन, रोडवेज और निजी बसें, चारपहिया वाहन सभी कई किलोमीटर लंबे जाम में फंस गए। इससे आमजन को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हालांकि मौरंग खदानें फिलहाल बंद हैं, लेकिन पुराने डंप स्थलों से मौरंग की अवैध आपूर्ति अभी भी जारी है। ट्रकों की लंबी कतारें इन डंपों पर लगती हैं। ट्रक चालक जल्दी लोडिंग की होड़ में अपने वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात अवरुद्ध हो जाता है। डंपिंग की यह अव्यवस्थित प्रक्रिया खेतों के किनारे हो रही है, जो कदौरा थाना क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है। चतेला से लेकर पंडौरा गांव तक फैले अधिकांश मौरंग डंपों तक पहुंचने के लिए रोजाना दर्जनों ट्रक इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं, जिससे बार-बार जाम की स्थिति बनती है।
बुधवार सुबह जब बच्चे स्कूल जाने निकले, तब तक सड़क पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग चुका था। स्कूली बसें और वैन जाम में फंस गईं। बच्चों के स्कूल पहुंचने का समय निकल गया, जिससे उन्हें घर लौटना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा समय पर सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सख्ती के साथ ट्रैफिक को नियंत्रण में लिया। थाना प्रभारी प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि चतेला तिराहे पर बैरिकेडिंग कराई गई है और दो आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि रूट डाइवर्जन का सख्ती से पालन कराया जा सके। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अतुल कुमार ने तत्काल प्रभाव से भारी वाहनों के लिए रूट डाइवर्जन और वन-वे ट्रैफिक की व्यवस्था लागू कर दी है।
नई व्यवस्था के अनुसार खाली ट्रक अब कदौरा से भेंड़ी, बड़ागांव होते हुए डंप स्थलों तक जाएंगे। लोड ट्रक चतेला, पंडौरा होते हुए कदौरा लौटेंगे और फिर हाईवे पर निकलेंगे। एसडीएम ने बताया कि यह व्यवस्था बुधवार से लागू कर दी गई है और इसके अनुपालन की जिम्मेदारी थाना पुलिस को सौंपी गई है।