मुहाना में शादी का कार्ड दिखाते काजल के पिता मान खान।
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मुहम्मदाबाद (जालौन)। जहां एक ओर लॅाकडाउन की वजह से देश में लोग घरों में कैद हैं वहीं सहालग के दिनों शहनाई की गूंज पर भी लॉकडाउन का खासा असर पड़ा है। शादी की सभी तैयारी पूर्ण होने के बाद भी लॉक डाउन की वजह से लोगों को शादी की तिथियों को बदलना पड़ रहा है। जिससे लोगों को परेशानी तो हो रही है लेकिन उनका कहना है कि देशहित पहले शादियों की तिथियां तो आती रहेंगी, लेकिन अभी हम सब को एकजुट होकर देश के साथ खड़े होना है। जिले में ऐसे ही कुछ परिवारों पर आधारित रिपोर्ट, जिन्हें लॉकडाउन को लेकर अपने बेटे व बेटी की शादी की तिथियों में बदलाव करना पड़ा।
15 अप्रैल को थी बेटी की शादी
मुहाना निवासी मान खान की बेटी की काजल की शादी जालौन में तय हुई थी। शादी 15 अप्रैल को तय हुई थी। बेटी की शादी को देखते हुए छह माह पहले से ही तैयारी तेज हो गई थी। परिवार के लोगों ने गेस्ट हाउस से लेकर हलवाई तक की बुकिंग कर ली थी। मान खान ने बताया कि बेटी की शादी को लेकर जहां कार्ड तक छप चुके थे। वहीं, जेवर आदि भी बनवा लिए गए थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से शादी टालनी पड़ी, हालांकि अभी आगे की तिथि तय नहीं हुई है, लेकिन सभी संतुष्ट हैं कि उन्होंने शासन के नियमों का पालन किया है और अपनी कोरोना से जंग में अपनी सहभागिता दी है।
असमंजस के चलते आगे बढ़ाई तिथि
मुहम्मदाबाद निवासी प्रेम नारायण व सुनीता के बेटे अभिषेक की शादी 26 अप्रैल को राठ निवासी लालाराम की बेटी से होनी थी। जिसे लेकर सभी तैयारी पूर्ण कर ली गईं थीं। जहां लड़की वालों ने गेस्टहाउस व अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली थीं वहीं प्रेम नारायण ने भी बैंड-बाजों व बस व कारों की बुकिंग कर ली थीं। हालांकि लॉकडाउन 14 को खत्म हो रहा है, लेकिन फिर भी असमंजस की स्थिति बनी है। इस स्थिति को देखते हुए फिलहाल शादी टालने का फैसला किया गया है। आगे तिथि को लेकर दोनों परिवारों में चर्चा चल रही है कि लॉकडाउन को लेकर जैसे स्थिति बनती है उसी हिसाब से शादी की तिथि तय कर दी जाएगी।
मुहम्मदाबाद में अपने माता पिता के साथ बैठा अभिषेक।- फोटो : ORAI