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चालक की हत्या में दो सगे भाइयों को उम्रकैद

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उरई (जालौन)। चौदह साल पहले बोलेरो चालक की हत्या के दोषी दो भाइयों को अपर जिला जज (प्रथम) अमित पाल सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला जज की कोर्ट ने दोनों पर तेरह-तेरह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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चालक की हत्या का मामला 14 साल पुराना कालपी कोतवाली का है। शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के अदलसरांय मोहल्ला निवासी नूर मोहम्मद ने 19 अगस्त 2006 को अपने बेटे शाकिर (30) की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि मोहल्ले के जमील उर्फ गप्पू और फिरोज पुत्रगण हाजी 18 अगस्त 2006 को शाकिर की बोलेरो बुक कराकर राठ ले गए थे। बताया कि 19 अगस्त को शाकिर का शव हमीरपुर जनपद के राठ थाना क्षेत्र के धनौरी गांव के पास स्थित पुलिया के नीचे मिला था, जबकि पास ही उसकी बोलेरो भी खड़ी थी। शाकिर के पिता नूर मोहम्मद ने दोनों भाइयों पर रंजिशन बेटे की हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया था।
नूर मोहम्मद का आरोप था कि एक ही मोहल्ले के होने के कारण दोनों भाई उनके बेटे से किसी बात पर रंजिश रखते थे। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस समय जमील और फिरोज जमानत पर चल रहे थे। शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि अपर जिला जज अमित पाल सिंह ने जमील और फिरोज को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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