उरई। पुरानी रंजिश में बाइक से जा रहे युवक को गोली मारकर हत्या करने के मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट श्रीप्रकाश तिवारी की अदालत ने पिता-पुत्री और पुत्री के बेटे समेत तीन को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यही नहीं तीनों पर बीस बीस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। मामला पांच साल पुराना है।
अभियोजन के अनुसार, डकोर थाना क्षेत्र के बंधौली निवासी जयकिशुन पुत्र रामसहाय राजपूत ने 1 सितंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह सिमिरिया बालू घाट से ट्रक लेकर गांव जा रहा था, जबकि उसका बेटा राजेश कुमार राजपूत ट्रक के पीछे बाइक से आ रहा था, जैसे ही दोपहर बारह बजे ट्रक सिमिरया गांव से गुजर रहा था, तभी घात लगाकर बैठे चुंटा पुत्र लालाराम राजपूत निवासी सिमिरिया थाना डकोर, चुंटा की बेटी रेखा पत्नी रामकृपाल और नीलू उर्फ शैलेंद्र पुत्र रामकृपाल निवासी बंधौली थाना डकोर ने राजेश को बाइक से खींच लिया और जबरन पशुबाड़े के अंदर ले गए और गोली मारकर हत्या कर दी।
फायर की आवाज सुनकर जब तक वह पहुंचा, तब तक उसके बेटे राजेश की मौत हो चुकी थी। हमलावर धमकी देकर वहां से चले गए। जयकिशुन ने बताया कि रेखा के परिवार से उसकी पुरानी रंजिश थी। इस मामले की विवेचना डकोर कोतवाली प्रभारी आलोक सक्सेना ने कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मोतीलाल पाल ने बताया कि शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट श्रीप्रकाश तिवारी ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चुंटा, रेखा और शैलेंद्र को आजीवन कारावास व बीस बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।