उरई (जालौन)। चार साल पहले जमीन के विवाद में पड़ोसी को खेत में ले जाकर गमछे से गला घोंटकर हत्या करने के दोषी को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर दस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कोंच कोतवाली के कस्बा आराजी लाइन निवासी मृतक के भतीजे कल्लू ने कोंच कोतवाली पुलिस को 15 जून 2020 को तहरीर दी थी। उसमें बताया था कि उसके चाचा इकराम को 14 जून 2020 को शाम पांच बजे विनोद व दीने पुत्र जगदीश निवासी खेड़ाचौकी के पास कोंच, उनके मामा मूंगा निवासी ऐधा व एक अज्ञात व्यक्ति उसके घर आए।
पशुओं के बारे में जानकारी होने के कारण उसके चाचा इकराम से बोले कि उनकी गाय को बछड़ा होना है, चलकर देख लो। उसके चाचा उन लोगों के साथ चले गए। उन लोगों के साथ जाते समय मोहल्ले के लोगों ने देखा। इसके बाद बिजली पावर हाउस के पास खेत में ले जाकर इकराम की गमछे से गला घोंटकर हत्या कर शव खेत छोड़कर भाग गए। बताया कि हत्यारोपी परिवार के होने से पुश्तैनी जमीन को लेकर मन ही मन रंजिश मानते थे।
पुलिस ने तीन नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना में अन्य के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया गया। जबकि विनोद अहिरवार के खिलाफ सबूत मिला। पुलिस ने दस अगस्त 2020 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार साल चले ट्रायल के बाद मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट पारुल पंवार ने सबूतों के आधार पर विनोद अहिरवार को हत्या में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।