उरई (जालौन)। माधौगढ़ थाना क्षेत्र में शौचालय के विवाद में पिता-पुत्र पर कुल्हाड़ी से हमला करने के बाद पिता की मौत के मामले में दोष साबित होने पर जिला जज अशोक कुमार सिंह ने दोषी को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला करीब तीन साल पुराना है।
शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता लखन लाल निरंजन ने बताया कि माधौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बिरिया में एक अप्रैल 2018 को लोंकेंद्र सिंह अपने पुत्र विक्रम सिंह के साथ शौचालय का निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान गांव के ही अमर सिंह ने उसके ऊपर कुल्हाड़ी से वार कर दिया था। हमले में पुत्र विक्रम ने बचाने की कोशिश की तो आरोपित ने उसके ऊपर भी प्रहार कर दिया था। पिता-पुत्र को घायल हालत में सीएचसी लाया गया। वहां लोकेंद्र की मौत हो गई थी।
घटना को लेकर विक्रम की तहरीर पर पुलिस ने अमर सिंह के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा किया और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साक्ष्य संकलित कर पुलिस ने 11 जून 2018 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला जज की कोर्ट में मुकदमे का ट्रायल हुआ और करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद शनिवार को जिला जज अशोक कुमार सिंह ने फैसला सुना दिया। डीजीसी ने बताया कि गवाहों पर सबूतों के आधार पर गैर इरादतन हत्या में न्यायाधीश ने अमर सिंह को दोषी करार दिया है। उसे उम्रकैद व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की 50 फीसदी धनराशि मृतक की पत्नी को दी जाएगी।