पत्नी, साले व भतीजे को भाई के साथ मिलकर धारदार हथियार से मौत के घाट उतारने के मामले में दो सगे भाइयाें पर हत्या का दोष सिद्ध हो जाने पर एएसजे/एफटीसी फस्ट जज दिनेश तिवारी ने आजीवन करावास व 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। झांसी के बड़ागांव थाना के मडोरा गांव निवासी रामनिवास ने 20 अगस्त 2016 को दी तहरीर में बताया कि
उसने अपनी बहन पुष्पा देवी का विवाह रामपुरा थाना के गांव हनुमाननपुरा निवासी बड़ेलाल के साथ किया था। 19/20 अगस्त की रात उसका भाई सुखलाल बेटे रानू के साथ बहन के यहां हनुमाननपुरा गांव आया था। देर रात खाना खाने के बाद तीनाें घर के आंगन में टीन के नीचे चारपाई बिछाकर सो गए। देर रात बहनोई बड़े लाल ने अपने भाई प्रमोद के साथ मिलकर
उसकी बहन पुष्पा देवी, भाई प्रमोद व भतीजे रानू की कुल्हाड़ी से हमलाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में दोनाें सगे भाई बडे़लाल व प्रमोद के खिलाफ हत्या की रिपोर्र्ट दर्जकर आरोपियाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इस मामले की सुनवाई एएसजे/ एफटीसी प्रथम के जज दिनेश तिवारी की अदालत
में चल रहा था। शुक्रवार को दोनाें पक्षाें के वकीलाें की दलीलें सुनने के बाद आरोपी बड़ेलाल व उसके छोटे भाई प्रमोद पर हत्या का दोष सिद्ध हो जाने पर जज ने उन्हें आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी वीरेंद्र सिंह यादव ने की।