युवक की हत्या के मामले में अदालत ने दस्यु सरगना रहे लालाराम गिरोह के सदस्य को आजीवन कारावास व 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सिरसाकलार थानाक्षेत्र के गांव रायपुर मडैया निवासी मुश्ताक अली (20) पुत्र नवाब अली 29 जनवरी 2014 को घर आ रहा था।
तभी कुछ लोगों ने उसे लूटपाट के इरादे से जीतामऊ के जंगल में शाम करीब सात बजे रोक लिया। मुश्ताक ने जब विरोध कि या तो आरोपी ने ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। जब काफी देर तक मुश्ताक घर नहीं पहुंचा तो परिजनाें ने उसकी खोजबीन की तो उसका शव जंगल में मिला।
परिजनाें की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता नवाब अली की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी सुल्लू सिंह पुत्र मुंशी सिंह निवासी लोहई के खिलाफ हत्या का मुकदमा तरमीम कर आरोपी को गिरफ्तार उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस ने साक्ष्य संकलन कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए थे।
इस मामले की सुनवाई एएसजे/ एफटीसी नरेंद्र कुमार तृतीय की अदालत में चल रही थी। शनिवार को जज ने दोनाें पक्षाें के वकीलाें की बहस सुनने के बाद आरोपी सुल्लू सिंह को आजीवन कारावास व 40 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम से पीड़ित पक्ष को आधा पैसा मुआवजे के रुप में देने का आदेश दिया। शासन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता भगवती प्रसाद तिवारी ने की।