दीपावली पर्व पर लक्ष्मी पूजन की तैयारी नरक चौदस (छोटी दीपावली) को पूरे
दिन चलती रही। दीप पर्व बुधवार को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इसको लेकर
एक दिन पहले मंगलवार को लोगों ने पूजन सामग्री के साथ अन्य वस्तुओं की जमकर
खरीदारी की। लइया, खील, गट्टा और खिलौने से लेकर गणेश लक्ष्मी की मूर्ति,
चुनरी को खरीदने के लिए भीड़ रही तो वहीं पर मिष्ठान की दुकानों पर भी खूब
खरीददार उमड़े।
दीपावली से एक दिन पहले लोग बजट के मुताबिक खरीददारी
करने में लगे रहे। इसके अलावा बर्तनों से लेकर कपड़ा, इलेक्ट्रानिक उपकरणों
रंग बिरंगी लाइट झालर खरीदने के लिए लोग बाजार में पहुंचे। दिन भर बाजार
में जाम जैसे हालात रहे। लोगों को अपने वाहन निकालना मुश्किल हो रहा था।
यातायात व्यवस्था को दुुरुस्त रखने के लिए प्रशासन ने बडे़
वाहनों का
प्रवेश बंद कर दिया था। दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए लिए ज्योतिषाचार्य
पंडित गौरव महाराज के मुताबिक गृहस्थों के लिए शाम 6.40 से 8.20 तक रहेगा।
फैक्ट्री में मशीनरी पूजन के लिए सुबह 11.35 से दोपहर बाद 01.20 तक पूजन का
समय लाभकारी है। पेश है पूजन पाठ के शुभ मुहूर्त व दीपावली की तैयारियों
पर एक रिपोर्ट-
शुभ मुहूर्त में करें गणेश लक्ष्मी पूजन
दीपावली
का पर्व सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य, वैभव और लक्ष्मी आगमन का पर्व है। लक्ष्मी
को धन की देवी माना गया है। इनकी आराधना से धन आने की मान्यता है। दीपावली
के अवसर पर सही मुहूर्त में विधि विधान से मां महालक्ष्मी का पूजन किया
जाए तो वह वर्ष सभी दृष्टिकोण से लाभ देने वाला होता है। ज्योतिषाचार्य
गौरव महाराज ने बताया कि गृहस्थों के लिए
पूजन का शुभ समय शाम 6.40 से 8.20
तक है, क्योंकि इसमें मेष, लग्न का संयोग और प्रदोष का भी संयोग है। ये
अत्यंत लाभदायक होता है। उन्होंने बताया कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों,
दफ्तरों में पूजन के लिए उपयुक्त समय धनु लग्न को
माना जाता है। दोपहर बाद
03.20 बजे से 04.57 बजे तक है। इस समय में जो भी पूजन करेगा उसे अत्यंत लाभ
होगा। इसके अलावा कारखाना व मशीनरी के पूजन का समय सुबह 11.35 से दोपहर
बाद 01.20 बजे तक है। साधक वर्ग केे लिए रात में 9.17 से 10.43 तक का समय
उपयुक्त है। इस समय में की गई आराधना से फल की प्राप्ति होती है।
-ऐसे करें पूजन
गौरव
महाराज के मुताबिक शुभ मुहूर्त में विभिन्न रंगों से अष्ट दल, कमल जमीन
में बनाकर वहां पर स्वच्छ चौक स्थापित करें। लाल वस्त्र बिछाएं। इसके बाद
सबसे पहले भगवान गणेश की स्थापना करें, इनके दायीं ओर माता लक्ष्मी और बाएं
ओर श्री कुबेर की स्थापना करें। भगवान की मूर्तियों के सामने कलश भी
स्थापित करें। बाएं नौ ग्रह एवं दाहिनी ओर षोडश
मातृकादि स्थापित करके उसके
पाश्चात षोड़षोपचार पूजन आदि करें। 27 दीपक प्रज्ज्वलित करें। आरती
पुष्पांजलि के उपरांत लक्ष्मी माता का मंत्र जाप आदि करने से घर व व्यापार
में सुगमता से मां लक्ष्मी का शुभागमन होता है।
खूब बिके लइया, खील और गट्टा दीपावली
पर पूजन के लिए भगवान गणेश, लक्ष्मी की मूर्तियों के साथ-साथ लइया, खील और
खिलौनों की बिक्री भी जमकर हुई। शहर के घंटाघर, बल्दाऊ चौक, अंबेडकर
चौराहा, भगत सिंह चौराहा व स्टेशन रोड
पर सजीं खील, खिलौनों की दुकानों पर
पूरे दिन भीड़ लगी रही। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें भी दीपावली का
इंतजार रहता है, क्योंकि साल भर में इसी त्योहार पर खील, खिलौने और गट्टा
की खासी बिक्री हो जाती है। बाजार में हाथी, घोडे़, ऊंट की आकृति वाले
खिलौने 70 रुपये किलो, गट्टा 60 रुपये किलो तक बिके।
मिट्टी के दीया और मोमबत्ती भी बिके
दीपों
के पर्व पर चारों ओर प्रकाश फैलाने के लिए मिट्टी के दिए खूब बिके। पूजन
के लिए शुभ माने जाने वाले मिट्टी के दीये के अलावा एक बड़ा दीपक भी लोगों
ने खरीदा। इसके अलावा मोमबत्ती और बिजली की झालरें खूब बिकी। रुई की बत्ती
के पैकेट भी लोगों ने खरीदे। इसके अलावा पूजन की अन्य सामग्री और गणेश
लक्ष्मी के लिए पोषाक भी लोगों ने खरीदी। सितारों जड़ी लाल चुनरी पहली पंसद
रही।
पटाखा बाजार में भी उमड़े खरीदार
दीपावली से एक दिन
पहले अंबेडकर चौराहे के पास सजी पटाखा बाजार में भी खूब भीड़ नजर आई।
बच्चों की पसंद को ध्यान में रखकर लोगों ने राकेट के साथ फुलझड़ी और लाइटर,
अनार खरीदे तो किसी ने 12, 24 आवाजों वाला बम खरीदा। चकई के साथ अन्य
आतिशबाजी खरीददारों की पसंद रही। दुकानदारों का भी कहना है कि इस बार पटाखे
कुछ
महंगे जरूर हैं, लेकिन उनकी बिक्री पर असर नहीं है। बाजार में अनार 10
रुपये से लेकर 150 रुपये प्रति पीस, सीको का पैकेट 5 से लेकर 50 रुपये,
राकेट का पैकेट 25 से लेकर 200 रुपये कीमत पर बिक रहा है। जबकि फुलझड़ी 10
से लेकर 150 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से बेंची जा रही है। इसके अलावा
एक, दो और तीन हजार तक की आतिशबाजी बाजार का आकर्षण रही।