सरावन (जालौन)। आधी अधूरी गोशालाओं पर भले ही लाखों रुपये खर्च हो गए हों पर समस्या जस की तस ही बनी है। न तो खेत और सड़कों से मवेशी हट रहे हैं और न ही किसान समस्या से मुक्त हो पा रहा है। अब जब रबी की फसल की बुवाई का समय नजदीक आ गया है तो एक फिर से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो चली है। किसानों का कहना है कि मंत्री व अधिकारियों ने फरमान जारी किया था कि दस अक्तूबर तक सड़कों के मवेशी गोशालाओं में पहुंच जाए लेकिन हुआ कुछ भी नहीं। जिसे सड़कों पर जाम व हादसों की समस्या भी बनी हुई है।
गोहन क्षेत्र के ग्राम शाहबाजपुर में गोशाला बनाई गई है लेकिन न तो उसमें पानी की व्यवस्था है न खाने के लिए चारे का कोई इंतजाम है। न ही टीन शेड की व्यवस्था कोई व्यवस्था है और न ही सर्दियों से बचने का कोई उपाय ही नजर आता है। क्षेत्र की अन्य गोशाला के लिए लगभग 31 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके है लेकिन जमीनी हकीकत देखी जाए न तो उसका निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है ना ही अभी उसके लिए जगह की सर्वे की गई है। किसान को कहना है कि यदि आधी-अधूरी गोशालाओं की दशा जल्द न सुधरी तो रबी की फसल में भी नुकसान हो ना तय है। किसान जल्द ही अधूरी गोशालाओं को लेकर डीएम से मिलने का मन बना रहे हैं। उपजिलाधिकारी सालिक राम ने बताया कि जल्द जल्द अधूरी पड़ी गोशाला का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। पूरा प्रयास किया जाएगा कि किसानों को किसी तरह की समस्या न हो।
रातों को करनी पड़ेगी रखवाली
गोहन निवासी किसान कल्लू सिंह राजपूत ने बताया कि गोशाला अधूरी पड़ी होने से अन्ना जानवर किसी मुसीबत से कम नहीं हैं। सर्दियों की रातों में अब मवेशियों से खेतों रो बचाने में रखवाली करते ही बीतेंगी।
किसान को हो रहे हताश
किसान गणेश शंकर शुक्ला का कहना है कि अन्ना मवेशियों का कोई सही इंतजाम न होने से किसान हताश सा होने लगा है। इतनी मेहनत के बाद भी आखिर में बर्बादी ही हाथ लगती है। आखिर कब तक ऐसा ही चलेगा।
सड़क पर घूमते अन्ना मवेशी- फोटो : ORAI
कल्लू सिंह- फोटो : ORAI