उरई/कोटरा। नगर पंचायत को अब जलसंकट से निजात मिल जाएगी। 13.11 करोड़ का बजट शासन से पास हुआ है। सालों बाद पंचायत को बड़ा बजट मिला है। पंचयात में बैठक भी की गई है।
12 हजार आबादी वाली कोटरा नगर पंचयात में पेयजल की बड़ी समस्या है, जबकि पास से ही बेतवा नदी निकली हुई है। इसके बाद भी लोगों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। नदी की दूरी भी काफी है, इससे रोजाना पानी लोग नहीं ला सकते हैं। पंचायत में भी खारा पानी जमीन से निकलता है, इसलिए कोई बोरिंग नहीं कराता है। पानी के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
जलनिगम ने कई साल पहले नलकूप और टंकी को तीन किलोमीटर दूर स्थापित किया था, लेकिन पूरी पंचायत को उससे सप्लाई नहीं हो पा रही है। पेयजल संकट से निजात के लिए जलनिगम ने शासन को प्रस्ताव भेजा था, वह पास हो गया। इसको लेकर शुक्रवार को पंचायत में बैठक की गई, जेई ने रूपरेखा भी तैयार की। बैठक में जेई अनमोल अवस्थी ने बताया कि बजट मिला है। इसको लेकर सभी से राय ली गई है। रुपरेखा बनाकर टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू होगा। उन मोहल्लों को लिया जाएगा, जिनमें अधिक समस्या है।
नगर पंचायत अध्यक्ष सियासरण व्यास ने कहा कि बजट मिलने के बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द काम शुरु करवाने और उन स्थानों को चुना जाएगा। जिन में समस्या अधिक है। बैठक में प्रफुल्ल ओमरे, राधा वल्लभ चतुर्वेदी, राहुल रजक, मानसिंह यादव, छत्रसाल नायक, रामकुमार अहिरवार व संतोष पांचाल आदि मौजूद रहे।
शासन से मिले 13.11 करोड़ के बजट से नारेघाट, मुगलानाघाट, मुजफ्फरनगर, नरसिंह जी, मंडी बाजार, गणेशगंज मोहल्ले में काम होंगे। इसमें दो हजार घरों को निशुल्क कनेक्शन दिए जाएंगे। पांच नलकूप बनाए जाएंगे। 35 किलोमीटर पानी की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। दो टंकी बनाई जाएंगी। जिनकी क्षमता 800 से 1000 किलोलीटर होगी।
राजेंद्र प्रसाद यादव- संवाद
राजेंद्र प्रसाद यादव- संवाद
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