गैर जमानती वारंटी को पुलिस द्वारा पेश न करने के मामले को कोर्ट की अवमानना मानते हुए विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट जगमोहन सिंह ने तत्कालीन कोतवाल (अब कोटरा थानाध्यक्ष) को एक माह की सजा सुनाई। पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया।
शहर कोतवाली के बजरिया निवासी फिरोज के नाम पर धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत है। इसमेें आरोपी के खिलाफ कोर्ट से लगातार समन जारी किया जाता रहा। तत्कालीन कोतवाल उरई दयाशंकर सिंह ने कोर्ट के इस समन की तामील नहीं की।
इस पर जज ने इसे कोर्ट की अवमानना मानते हुए कोतवाल दयाशंकर सिंह को 30 सितंबर को कोर्ट में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने के आदेश दिए। इसके बावजूद कोतवाल कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसे कोर्ट की अवमानना मानते हुए जज जगमोहन सिंह ने तत्कालीन कोतवाल दयाशंकर सिंह को धारा 175 के तहत एक माह की सजा सुनाई।
उन पर पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर सात दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। दयाशंकर वर्तमान में कोटरा थानाध्यक्ष पद पर तैनात हैं। इस बाबत दयाशंकर सिंह ने कहा कि वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे।