कदौरा(जालौन)। गांवों और कस्बों में पेयजल संकट खत्म नहीं हो रहा है। ग्रामीण दूर दराज के इलाकों से साइकिल, रिक्शा और ठेलों से पानी की ढुलाई करने को मजबूर हैं। इलाके के बरखेरा में करीब पांच साल पहले बनी टंकी की लाइन जगह- जगह से क्षतिग्रस्त है। इससे पूरे गांव को टंकी से सप्लाई नहीं मिल पाती है। कई बार अधिकारियों से शिकायतें की गईं। हुआ कुछ नहीं। समस्या बरकरार है।
ब्लाक क्षेत्र के ग्राम बरखेरा के लोग पेयजल समस्या से परेशान हैं। साल 2014-15 में जल निगम की ओर से करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर पानी की टंकी बनवाई गई थी। पाइप लाइन भी बिछाई गई थी। कुछ समय बाद टंकी से जाने वाली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। गांव की अनवरी, साबरा खातून, पीर अली, गफूर अली, आदि का कहना है कि पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। तहसील दिवस में गांव के बड़े बुजुर्ग अधिकारियों को समस्या बता चुके हैं। सुनवाई नहीं हुई। कहीं-कहीं तो गड्ढे खोदकर पाइप लाइन से पानी लेना पड़ रहा है।
700 की आबादी में एक हैंडपंप, वह भी खराब
गांव की करीब तीन हजार आबादी है। 700 की आबादी में एक हैंडपंप लगा है। यह गर्मी की शुरुआत से ही खराब पड़ा है। प्रधान व सचिव बजट न होने का बहाना बनाकर ठीक नहीं करा रहे हैं। कुछ समय पहले निरीक्षण पर आईं डीडीओ मिथलेश सचान से शिकायत की गई थी। हुआ कुछ नहीं।
दूसरी जगह हैंडपंप लगवाने का प्रयास: प्रधान
प्रधान सुशीला देवी ने बताया कि टंकी की समस्या काफी पुरानी है। कई बार लिखा पढ़ी की जा चुकी है। हैंडपंप को ठीक कराने का प्रयास भी किया गया। जलस्तर लगातार गिरने से वह चालू नहीं हो पा रहा है। जल्द दूसरी जगह हैंडपंप लगवाने की व्यवस्था की जाएगी।
नई लाइन डालने से हल होगी समस्या
जल निगम के अवर अभियंता अजय कुमार का कहना है कि टंकी की लाइन को उसके आसपास रहने वाले कुछ लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। इससे पानी की आपूर्ति बाधित है। उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन को पत्र भेजा गया है। जल्द कुछ क्षेत्रों में नई लाइन डाली जाएगी।