फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: कालपी के हैंडमेड कागज उद्योग को मिलेगी संजीवनी

विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। वर्षों से बदहाली झेल रहे कालपी के विश्व प्रसिद्ध हैंडमेड कागज उद्योग को संजीवनी मिलने की उम्मीद जागी है। मुख्यमंत्री ने मंच से उद्योग को प्रोत्साहन देने और हैंडमेड कागज पर अनुदान उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन




दरअसल, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने मंच से इस उद्योग की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अमर उजाला ने भी 25 जुलाई के अंक में कालपी के कागज उद्योग की समस्याओं, उद्यमियों की मांगों और उद्योग को पुनर्जीवित करने की संभावनाओं पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।

अपने संबोधन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने कालपी के कागज उद्योग का जिक्र करते हुए इसे जिले की पहचान बताया। एक बार नहीं, तीन बार मुख्यमंत्री ने इस उद्योग का जिक्र किया। कार्यक्रम में जिले के विकास कार्याें का जो वीडियो दिखाया गया, उसमें भी कालपी के कागज उद्योग को दिखाया गया।
विज्ञापन




कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि कालपी का हैंडमेड कागज उद्योग कभी देश-विदेश तक अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध था। यहां निर्मित कागज का उपयोग सरकारी दस्तावेजों, कलात्मक कार्यों और विशेष उत्पादों में किया जाता रहा है। उद्योग को जीआई टैग मिलने के बाद भी उत्पादन और विपणन की समस्याएं दूर नहीं हो सकीं, जिससे अधिकांश इकाइयां बंद हो गईं या सीमित स्तर पर संचालित हो रही हैं।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कालपी का हैंडमेड कागज कनाडा तक जा रहा है। इसे आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कागज की सरकारी दफ्तरों में बिक्री को लेकर जो समस्या आ रही है, उसे दूर किया जाएगा। उन्होंने इसे अनुदानित करने का एलान मंच से कर दिया।



कालपी के हैंडमेड कागज उद्यमी नरेंद्र तिवारी समेत अन्य ने मुख्यमंत्री के इस एलान का स्वागत किया। नरेंद्र तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा सराहनीय है। अनुदान मिलने से बंद होने की कगार पर आ रहा यह उद्योग फिर से जल्द अपनी पहचान स्थापित करेगा।

विधायक के सपा कनेक्शन पर लगे ठहाके



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी पहले सपा में ही थे। इस पर सभा में ठहाके लगने लगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक पाप के बीच नहीं रहना चाहते थे, इसलिए वहां से निकल आए, कहा कि मैंने उनसे पूछा था कि आप उनके साथ क्यों नहीं रहना चाहते तो विधायक ने जवाब दिया कि पाप के बीच नहीं रहना चाहता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें