उरई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा में केवल राजनीतिक हमला ही नहीं बोला, बल्कि बुंदेलखंड के भविष्य का विकास मॉडल भी सामने रखा। उनके भाषण का केंद्र डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) रहा। मुख्यमंत्री ने इन दोनों परियोजनाओं को क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदलने वाला बताया और दावा किया कि आने वाले वर्षों में यही परियोजनाएं बुंदेलखंड के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार का आधार बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने बुंदेलखंड को विकास से नहीं, बल्कि अवैध खनन और पलायन की पहचान दी। उन्होंने कहा कि सपा ने बुंदेलखंड को लूटा नहीं, नोचा है। कहा कि सरकारी धन से सैफई में हीरोइनों को नचवाया जाता था, अब उसी पैसे से बुंदेलखंड का विकास हो रहा है। सीएम ने कहा कि बुंदेलखंड के लिए डिफेंस कॉरिडोर और बीडा केवल औद्योगिक परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक दिशा बदलने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि पहले यहां का युवा रोजगार के लिए दिल्ली, मुंबई, सूरत और अन्य शहरों की ओर पलायन करता था, लेकिन अब समय ऐसा आएगा जब दूसरे राज्यों के लोग बुंदेलखंड में रोजगार के लिए आएंगे। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार का विजन बताया। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर का सबसे बड़ा लाभ रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियों के निवेश के रूप में सामने आएगा। इससे बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्यमों को भी काम मिलेगा। रक्षा उद्योग से जुड़े कल-पुर्जों, इंजीनियरिंग, मशीन निर्माण, परिवहन, पैकेजिंग और सर्विस सेक्टर में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
वहीं, बीडा के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे निजी निवेश आकर्षित होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। उद्योगों के आने से स्थानीय बाजार, परिवहन, होटल, गोदाम और सेवा क्षेत्र का भी विस्तार होगा, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। (संवाद)