उरई/ कालपी। बारह साल बाद जिंदा लौटी कालपी की जावित्री का मामला जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मामले की जांच के लिए सीबीसीआईडी के आने का इंतजार हो रहा है। उधर, दूसरी ओर जावित्री की मां कही जाने वाली रज्जो भी पूरी तैयारी में हैं। रज्जो का कहना है कि पुलिस फर्जी युवती को उनकी बेटी बता रही है। वहीं एसपी यशवीर सिंह का कहना है कि दो तीन दिन के भीतर सीबीसीआईडी जावित्री को लेकर लौटेगी। इसके बाद 164 के बयान होंगे।
कालपी की रज्जो ने करीब बारह साल पहले बेटी जावित्री के अपहरण के मामले में नगर पालिका के जेई व ठेकेदार समेत दस लोगों को नामजद किया था। बाद में घाटमपुर में मिले शव की शिनाख्त बेटी जावित्री के रूप में की थी। तीन दिन पहले जावित्री अलीगढ़ से लौट आई। उसके जिंदा होने से हड़कंप मचा हुआ है। गुरुवार को पुलिस उसे अलीगढ़ छोड़ आई थी। वहीं रज्जो ने जावित्री को अपनी बेटी मानने से इंकार कर मामले को पेंचीदा कर दिया है। रज्जो के मुताबिक मामला कोर्ट में चल रहा है। वह साबित कर देगी कि जावित्री उसकी बेटी नहीं है। यह पुलिस और आरोपियों की साजिश है। वहीं जिन लोगों ने जावित्री के अपहरण और हत्या में इतने साल सजा काटी, उनकी आंखें सीबीसीआईडी के साथ जावित्री के आने का इंतजार कर रही हैं। इससे कि उन पर लगा दाग मिट सके।
एसपी का कहना है कि सीबीसीआईडी कानपुर में स्टाफ की कुछ कमी है। इससे समय लग रहा है। टीम के आते ही सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। जरूरत हुई तो डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।