उरई/कुठौंद। औरैया जाने के लिए 180 किमी का चक्कर काटने से बचने के लिए लोग तीन किमी पैदल चल रहे हैं।शेरगढ़ पुल के बंद होने से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। लोग कुठौंद से पुल तक वाहनों में बैठकर जा रहे हैं। इसके बाद दीवार फांदकर तीन किलोमीटर पैदल चलते हुए औरैया की सीमा तक पहुंच रहे हैं।
गुरुवार को कोई बच्चों को कंधे पर बैठाए दिखा तो कोई सिर पर सामान रखकर मजबूरी में पुल पर बनी दीवार को फांदता दिखाई दिया। पूछने पर बताया कि इतने पैसे नहीं हैं, कि वाहन से चक्कर लगाकर घर जा सकें। यमुना नदी पर स्थित शेरगढ़ पुल को बुधवार को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। पुल के दोनों ओर करीब चार फीट ऊंची दीवार बना दी गई है। ताकि वाहन व लोग वहां से न आ जा सकें। गुरुवार को करीब 15 सौ लोगों ने पुल के रास्ते आवाजाही की।
बता दें कि शेरगढ़ पुल पर सातवें और आठवें स्पेन की आठ बेयरिंग बदली जानी है। गुरुवार से काम शुरू कर दिया गया। इसलिए 15 अगस्त तक पुल से निकलने के लिए पूरी तरह से मनाही है।
इनसेट
बच्चे को दिखाने गए थे, पैदल भी चले और ज्यादा किराया भी लग गया
सिरसाकलार निवासी रामकुमार ने बताया बच्चे को दिखाने डॉक्टर के पास औरैया गए थे। पुल बंद होने से सुबह ही घर से निकल आए थे। तीन किलोमीटर पैदल चलने के बाद जैसे-तैसे औरैया सीमा पर पहुंचे तो चार जगहों पर वाहनों को बदलना पड़ा। शाम को अब लौट रहे हैं, क्या करें, गरीब आदमी की कौन सुनत।
परेशानी की वजह से समय से नहीं पहुंच पाएंगे घर
बच्चों को कंधे पर बैठाकर पुल से पैदल निकल रही रीता ने बताया जैतापुर सास के साथ दवा लेने गई थी। पूरा दिन हो गया है। शाम के समय वापस पहुंच पाना मुश्किल लग रहा है। पता नहीं था इतनी दूर पैदल चलना पड़ेगा।
साहब! बीमार हैं कट खुलवाया दो
बैठ बैठ कर पुल पर चलने वाली महिला सुकरातन ने बताया कि तीन किलोमीटर की दूरी बड़े मुश्किल से पार कर पाई हैं। तीन घंटे में शंकरपुर पहुंच पाए हैं। बीमारी की वजह से परेशान हैं। और पुल बंद होने से और परेशानी हो गई है। साहब एको कट खुलवाए दो। तो लोगन को आराम हो जाए।
वर्जन
पुल की मरम्मत का कार्य चल रहा है। आज बेयरिंग को नीचे भेजना है। निर्धारित समय सीमा में मरम्मत कर पूरा कर लिया जाएगा।
रेहान, टेक्निकल इंजीनियर ए एम बिल्डर बरेली