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झमाझम बारिश से शहर पानी-पानी

Wed, 27 Jul 2016 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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जिला परिषद स्थित एक स्कूल में भरा पानी, गुजरते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार की देर शाम से शुरू हुई बारिश बुधवार को भी जारी रही। दिन भर रुक-रुककर बारिश होती रही। कभी तेज तो कभी हल्की फुहारों ने आम जनजीवन पर प्रभाव डाला। इस बारिश से शहर की सभी नाले व नालियां उफना गई हैं। सफाई व्यवस्था धड़ाम रहने की वजह से नालियों का पानी सड़कों पर भर गया। इससे कई इलाकों के लोगों को भारी परेशानियों का
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सामना करना पड़ा। कई सरकारी विद्यालयों में भी पानी भर जाने से पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो गई और बच्चे पढ़ने के बजाए विद्यालयों में भरे पानी में खेलते हुए नजर आए। कई दिनों से लोग तेज धूप व उमस का सामना कर रहे थे। इससे लोग उल्टी, दस्त, खांसी, जुकाम जैसी संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे थे। मंगलवार की शाम तकरीबन सात बजे के बाद शुरू

हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई। शाम को शुरू हुई बारिश रुक-रुककर रात भर होती रही। यही क्रम बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार दोपहर 12 बजे करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इसके बाद हल्की बारिश व फुहारो ंसे मौसम सुहावना रहा। इस बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात तो मिली है पर कई मोहल्लों में जलभराव
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होने से परेशानी भी बढ़ गई। इंद्रानगर, तुफैलपुरवा, शांतिनगर, उमरारखेरा, नया पाठकपुरा, जेल के पीछे आदि इलाकों में नालियों के पानी निकासी के इंतजाम ठीक नहीं है। इसके चलते बारिश के कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर भर गया। कई जगहों पर तो यह पानी घरों तक में पहुंच गया। इससे लोगों को दिन भर आवागमन करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।


बारिश ने फेरा किसानों की उम्मीदों पर पानी
किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों को आफत में डाल दिया है। बारिश से इस बार भी खरीफ की अच्छी फसल होेने की उम्मीद खत्म हो गई है, इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें उभर आईं हैं। बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ फसल की बुवाई के लिए बीज खेतों में डाल दिए

गए थे, लेकिन बारिश ने सब कुछ खराब कर दिया।  सामी निवासी किसान सतीश परिहार बताते हैं कि बारिश ने तिल, मूंग, उड़द, मक्का की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, बीज अंकुरण पर था और बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। वहीं, जालौन प्रतिनिधि के अनुसार बारिश से यहां केे किसानों की उम्मीदें भी खत्म हो गईं हैं। किसानों का कहना है कि बारिश ने किसानों की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं।
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