मेडिकल कालेज उरई में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। यह सभी पौधे चरणबद्ध तरीके से कालेज के 10 ब्लाकों में लगेंगे। इसके लिए वन विभाग, उद्यान विभाग और अन्य विभागों समेत आईडीबीआई और स्टेट बैंक आफ इडिया का भी सहयोग लिया जाएगा। यह जानकारी कालेज के प्रचार्य डॉ. सुरेश चंद्र ने दी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक
तौर पर वन विभाग और उद्यान विभाग की ओर से एक हजार पौधे लिए जा रहे हैं। बाद मेें एक प्लांट बैंक भी बनाया जाएगा जिसके जरिए विभिन्न संस्थाओं, स्कूलों और संस्थानों से पौधे यहां जमा करवाए जाएंगे और इन्हें कालेज परिसर में रोपित कराया जाएगा। वृक्षारोपण में प्रदूषण कम के लिए सबसे ज्यादा पीपल, बरगद और नीम के पेड़ों को लगाया जाएगा।
प्राचार्य ने बताया कि पौधारोपण अभियान के तहत कालेज स्टाफ और यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं दो दो पौधों को गोद लेंगे। इस दौरान ये न केवल इन पौधों का संरक्षण करेंगे बल्कि इन्हें सींचेंगे भी। उन्होंने बताया कि अभियान की शुरूआत में डीएम संदीप कौर से परिसर में 50 पौधे लगाने का अनुरोध किया गया है। बताया कि कालेज के पास ही विकसित किए जा
रहे इंडस्ट्रियल एरिया से आस पास का वातावरण दूषित हो रहा है। इसे देखते हुए कालेज परिसर में पीपल और बरगद जैसे पेड़ों को लगाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन पेड़ों के लगने से यहां आक्सीजन की मात्रा बढ़ जाएगी और बाहरी प्रदूषण का अस्पताल में असर न्यूनतम होगा।
कालेज में लगेंगे ये पौधे
वन विभाग के एसडीओ देवेंद्र कुमार चतुर्वेदी और उद्यान विभाग अधिकारी समाधार अहिरवार ने बताया कि कालेज के अनुरोध पर यहां नीम, पीपल, आंवला, गुलमोहर, कटहल, बहान बिलिया, नीबू करौंदा, अमरूद, चितवन, सीसम, अंजीर, बेलपत्र, सागौन और चिलबिल आदि पौधे लगेंगे। इनमें बड़े पेड़ कालेज की बाउंडी के पास लगाए जाएंगे जबकि अशोक आदि के पेड़ को ओपीडी के पास लगाया जाएगा। वहीं फल देने वाले पौधों को कालेज के रेसिडेंसियल एरिया में लगाया जाएगा।