जाम लगाए लोगों को समझाते एसडीएम व सीओ
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कुठौंद/ बावली। चार दिन पहले सड़क हादसे में घायल हुए देवर व भाभी की उपचार के दौरान मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने शनिवार को जालौन-औरैया हाईवे पर महिला का शव रखकर जाम लगा दिया। वह लोग पीड़ित परिवार को मुआवजा व आरोपी ट्रैक्टर चालक पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जाम के चलते हाईवे पर तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। परिजनों ने एसडीएम के समझाने के बाद जाम खोला।
मदारीपुर निवासी किसान कृपाशंकर दीक्षित 26 अप्रैल को मदारीपुर निवासी निशा वाल्मीकि, जीतू वाल्मीकि को ट्रैक्टर से खेत ले जा रहे थे। मदारीपुर के पास ट्रक ने ट्रैक्टर में टक्कर मार दी थी। हादसे में कृपाशंकर, जीतू , निशा समेत चार लोग घायल हो गए थे। घायल जीतू की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। वहीं उसकी भाभी निशा की शनिवार को इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। परिजन निशा का शव लेकर शनिवार को मदारीपुर पहुंचे। वहां जालौन-औरेया हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने आक्रोशितों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लोग मुआवजा व ट्रैक्टर चालक पर कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। सूचना पर पहुंचे एसडीएम राजेश सिंह, सीओ संतोष कुमार ने आक्रोशित लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। तब करीब तीन घंटे बाद शाम छह बजे जाम खुल सका। जाम के दौरान हाईवे पर दोनों तरफ लगभग तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही।