श्रीनगर में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ हवलदार भोला सिंह का
पार्थिव शरीर सोमवार को उनके पैतृक गांव कन्हरपुरा लाया गया। यहां पर
राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद का शव जैसे ही
सीआरपीएफ के वाहन से गांव पहुंचा तो परिजन रोते-बिलखते हुए दौड़ पड़े। इसके
बाद गांव में शव यात्रा निकाली गई। देश
की सुरक्षा में प्राणों को
न्यौछावर कर देने वाले जांबाज के शव पर पुष्प वर्षा की गई। सभी की आंखें नम
थीं, लेकिन उनके भाव में गर्व था। प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री अरुणा
कोरी और सीआरपीएफ के लखनऊ रेंज के डीआईजी रविंद्र सिंह रौतला ने शहीद को
श्रृद्धांजलि दी। रेंढ़र थाना क्षेत्र का गांव कन्हरपुरा यूं तो शोक में
डूबा हुआ था लेकिन हर कोई गांव के
जांबाज भोला सिंह की शहादत पर गर्व महसूस
कर रहे थे। भोला के शहीद होने क ी खबर तो रविवार को ही आ गई थी, लेकिन
सोमवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया तो पूरा गांव श्रृद्धांजलि
देने को उमड़ पड़ा। शहीद का पार्थिव शरीर लखनऊ होते हुए उनके पैतृक गांव
लाया गया, जहां पर सीआरपीएफ लखनऊ रेंज के डीआईजी रविंद्र सिंह रौतला,
कैबिनेट मंत्री अरुणा कोरी, सांसद भानू वर्मा, जिलाधिकारी रामगणेश, पुलिस
अधीक्षक एन कोलांची, एसडीएम एसपी अग्रवाल, सदर विधायक दयाशंकर वर्मा,
माधौगढ़ पूर्व ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित, पूर्व विधायक संतराम सिंह
सेंगर, समेत अन्य जिले के अधिकारी और विभिन्न दलों के नेताओं ने
श्रृद्धांजलि दी।
इसके बाद शहीद को गार्ड आफ आनर सीआरपीएफ व स्थानीय
पुलिस की टीम की ओर से दिया गया, और फिर छह वर्ष के बेटे श्लोक सिंह ने
अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान शमशान घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम
हो गईं। कैबिनेट मंत्री अरुणा कोरी ने शहीद के परिजनों को हर संभव मदद का
भरोसा दिया और कहा कि दुख की इस घड़ी में हम सब उनके साथ हैं। आचार संहिता
के समाप्त होते ही 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी जाएगी।