उरई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमवीवाई) में अपना जिला प्रदेश के शीर्ष 20 जिलों में भी स्थान नहीं बना पाया है।
राज्य में 21वें नंबर पर है। हालांकि बुंदेलखंड में चित्रकूट के बाद दूसरे नंबर पर चल रहा है। एक साल में दो हजार से ज्यादा जननी के खाते में इस योजना का पैसा ही नहीं पहुंचा है।
वर्ष 2017 के जुलाई से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना चल रही है। वर्ष 2023 के एक अप्रैल से इस योजना का दूसरा पार्ट लॉन्च किया गया। पार्ट-वन में सिर्फ पहले प्रसव में ही पांच हजार रुपये मिलते थे। बाद में दूसरे पार्ट की योजना लागू होने के बाद दूसरे प्रसव में भी छह हजार रुपये का लाभ जननी को देने की योजना धरातल पर आई। जिले को 10,470 का लक्ष्य मिला था। इसमें मात्र 39.76 प्रतिशत ही वह पूरा कर सका। प्रदेश में टॉप थ्री में बहराइच, कौशांबी और अमेठी है। बुंदेलखंड में शीर्ष पर चित्रकूट, जो कि प्रदेश में 14वें नंबर पर है। विभाग के अनुसार इस साल 4,157 महिलाओं ने पहले बच्चे को जन्म दिया। इसमें 2,121 को भुगतान हुआ है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक अभिषेक मिश्रा ने बताया कि पीएमवीवाई के तहत तीन किस्तों में 11 हजार रुपये का भुगतान होता है। गर्भधारण करने के तीन महीने बाद पंजीकरण होता है। इसमें टीकाकरण की बुक गर्भवती को मिलती है। योजना का पैसा डीबीटी के जरिए भुगतान होता है, जो कि आधार लिंक के बैंक खाते में ही पहुंचता है। इसलिए पंजीकरण के बाद ये औपचारिकता पूरी करने के लिए 570 दिन का समय दिया जाता है। आधार कार्ड जमा होता है और जब बैंक खाते से जुड़ी औपचारिकता नियमानुसार पूरी होती हो तो प्रसव से पहले जननी के खाते में 3,000 रुपये आते हैं। हालांकि पंजीकरण के बाद भुगतान के लिए 90 दिन का समय दिया जाता है। उसके बाद ढाई महीने बाद जब टीकाकरण होता है, तब दो हजार रुपये की राशि खाते में आती है। दूसरे प्रसव में यदि बेटी जन्म लेती हो तो फौरन जननी के खाते में 6,000 रुपये पहुंचते हैं। यह राशि केंद्र सरकार से सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचती है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक अभिषेक मिश्रा ने बताया कि पिछले साल 27 मार्च से सितंबर तक नई योजना के चलते पोर्टल अपडेट हुआ था। जिस वजह से पूरे देश की भांति जिले में भी पोर्टल चालू नहीं था। उसके बाद से अब पोर्टल लगातार काम कर रहा है।
हालांकि यहां से केवल पंजीकरण होते हैं और आधार कार्ड की जानकारी रजिस्टर्ड होती है। डीबीटी अकाउंट पूर्ण होने के बाद सरकार से सीधा लाभ राशि पात्र के खाते में पहुंचता है। कितनों को और कब मिली, यह जानकारी उपलब्ध नहीं होती है।
29 जनवरी से 15 फरवरी तक छूटे हुए लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शतप्रतिशत लाभार्थियों को इसका लाभ दिया जाएगा। आशा वर्कर लापरवाही करतीं हैं तो कार्रवाई होगी। अभियान में पूरी जानकारी पात्रों को दी जा रही है।-डॉ. एनडी शर्मा, सीएमओ
जालौन। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभ देने का लालच देकर महिला से ओटीपी पूछकर उसके खाते से 5,300 रुपये गायब कर दिए।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छिरिया सलेमपुर निवासी अमित कुमार ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि उसकी पत्नी की सरकारी अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। पीएमवीवाई के तहत उसे भुगतान होना था। एक व्यक्ति का फोन आया कि मातृ वंदना योजना के तहत उसकी धनराशि खाते में ट्रांसफर की जा रही है। इसके लिए वह अपना खाता संख्या और आधार नंबर बता दें।
वह जानकारी देने के बाद मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आया और जिसे भी उसने पूछा। इस पर जैसे ही वह नंबर उस व्यक्ति को बताया, उसके कुछ ही देर में खाते से 5,300 रुपये की राशि गायब हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।