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Jalaun News: रेंगते वाहन, व्यवस्था धड़ाम, सिर्फ आश्वासन से खत्म नहीं होगा जाम

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उरई। ई-रिक्शा, सकरी रोड, अवैध टेंपो स्टैंड, अतिक्रमण और वाहनों की मनमानी के कारण शहर के पांच प्वाइंट पर हर रोज जाम की समस्या रहती है।
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प्रतिदिन आम नागरिक से लेकर गुजरने वाले व्यापारी और नौकरी पेशा लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। ट्रैफिक लाइट और तमाम जतन के बावजूद न ही प्रशासन इसका हल खोज पाया और न ही पुलिस की कोई कोशिश लोगों को इस समस्या से निजात दिला पाई। कागजों में और आश्वासन पर ही जाम से निजात दिलाने की कोशिश होती है। पेश है इस समस्या पर एक रिपोर्ट ...

शहर में पटेल चौक से विद्युत सब स्टेशन तक करीब 300 मीटर की इस सड़क पर रोजाना जाम की समस्या रहती है। यहां वैसे तो दिन में कई बार जाम लगता है, लेकिन ज्यादा समस्या सुबह नौ से 11, शाम को पांच से सात बजे और दोपहर में स्कूल की छुट्टी के दौरान करीब 12 बजे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इसका बड़ा कारण सड़क के किनारे अतिक्रमण, बाइकों का खड़ा रहना और अवैध ऑटो स्टैंड और सड़क पर मनमानी करते हुए लोगों द्वारा वाहन खड़ा कर देना है। न्यायालय के सामने लगने वाले इस जाम पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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पटेल चौक से मनसापूर्ण मंदिर होते हुए सब्जी मंडी तिराहे पर भी वाहनों को रेंग-रेंगकर आगे बढ़ना पड़ता है। यहां मंगलवार के दिन जाम की समस्या अधिक होती है। मंदिर में आने वाले भक्तों और सड़क पर ज्यादा वाहनों के आवागमन के साथ ही सकरा मार्ग होना जाम का बड़ा कारण है। यहां शाम को पांच से आठ बजे के बीच ज्यादा जाम लगता है। दिन में स्कूल की छुट्टी के दौरान भी कई वाहन जाम में फंस जाते हैं।

घंटाघर से शहीद भगत सिंह चौराहे पर सुबह 11 बजे के बाद शाम पांच बजे तक कई बार जाम लगता है। सकरी रोड के साथ ही अतिक्रमण बड़ा कारण हैं। इसके अलावा बाजार होने के बावजूद पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, इस वजह से दुकानदारों और ग्राहकों की बाइकें व कार भी सड़क पर खड़ी हो जाती हैं। फुटपाथ पर कब्जे हैं, इस वजह से पैदल जाने वाले व्यक्ति भी सड़क पर चलकर जाम और जोखिम का कारण बनते हैं।

आंबेडकर चौराहे से शहीद भगत सिंह चौराहे तक जाम लगता है। आंबेडकर चौराहे पर ट्रैफिक लाइट लगी है। सकरी रोड है, कई बार यह व्यवस्था भी जाम की वजह बन जाती है। आंबेडकर तिराहे पर जब जिला अस्पताल की ओर जाते हैं तो ट्रैफिक लाइट के पास बंबी रोड राजेंद्र नगर जाने वाले मार्ग के लिए रास्ता भी ब्लॉक हो जाता है। बायीं ओर इस मार्ग पर जाने वाले वाहनों को भी हरी लाइट होने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे सड़क पर वाहन काफी खड़े रह जाते हैं।

मौनी मंदिर से घंटाघर जाने वाले मार्ग पर ई-रिक्शा, अतिक्रमण और सकरी रोड जाम की बड़ी समस्या हैं। यहां सब्जी मंडी और लेबर स्टैंड की वजह से भी यह दिक्कत सुबह से ही शुरू हो जाती है। पार्किंग न होने से वाहनों का सड़क पर खड़ा होना भी जाम का बड़ा कारण बनता है। लेबर स्टैंड और सब्जी मंडी को शिफ्ट करने के लिए कई प्रयास मौखिक रूप से सामने आए, लेकिन धरातल पर इस समस्या का निदान आज तक नहीं निकाला गया।


शहर में 1200 ई-रिक्शे पंजीकृत हैं, लेकिन जो सड़क पर दौड़ रहे हैं, उनकी संख्या चार हजार पार कर जाती है। पूर्व में ई-रिक्शा एआरटीओ में पंजीकृत नहीं होते थे, इस वजह से 100 फीसदी ई-रिक्शा एआरटीओ के रिकॉर्ड में भी नहीं हैं। ये रिक्शे शहर के भीतर, बाजार में प्रवेश करते हैं। कोई रूट निर्धारित न होने की वजह से सबसे ज्यादा ये वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं और जाम का कारण बनते हैं।


पार्किंग न होना। ई-रिक्शा पर पाबंदी न होना। अतिक्रमण की वजह से फुटपाथ घिरे रहना। सब्जी मंडी और लेबर स्टैंड शिफ्ट न होना जाम की बड़ी समस्या है। कई बार इसको लेकर सिर्फ आश्वासन मिलता है, धरातल पर काम हो तो जाम से निजात मिल सकती है। -संतोष गुप्ता, अध्यक्ष व्यापार मंडल

एक सप्ताह के भीतर गोपालगंज की सब्जी मंडी ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट करने की योजना है। पार्किंग को लेकर मंथन चल रहा है। लेबर स्टैंड सब्जी मंडी के पास जाने की योजना है। जल्द ही जाम की समस्या को पूरी तरह से खत्म करने का प्रयास रहेगा। -विशाल यादव, एडीएम
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ई-रिक्शा को लेकर रूट तय किया जाएगा, इसके लिए योजना बनाएंगे। अतिक्रमण हटाने और मनमानी करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई होगी। जाम की समस्या को लेकर ठोस योजना बनाने पर मंथन चल रहा है, जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा। -गिरिजा शंकर त्रिपाठी, सीओ सिटी
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