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न्यायिक अधिकारियों की टीम को शेल्टर होम में मिली गड़बड़ी

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उरई। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मंगलवार को न्यायिक अधिकारियों ने जिले में संचालित दो शेल्टर होम मोहल्ला लहरियापुरवा स्थित आश्रय गृह व राठ रोड में संचालित वृद्धा आश्रम का औचक निरीक्षण किया। न्यायिक अधिकारियों ने दोनों आश्रय स्थलों में रह रहे आश्रितों के रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा व बुनियादी व्यवस्थाओं को जांच-पड़ताल की।
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सबसे पहले नगर पालिका के सहयोग से मोहल्ला लहरियापुरवा में लखनऊ के एक एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह न्यायिक अधिकारियों ने जांच-पड़ताल की। मौके पर दो कर्मचारी मिले। प्रबंधक शोभाराम ने बताया कि केयरटेकर विवेक अवस्थी दो दिन के अवकाश पर हैं एवं उनकी ड्यूटी का समय दोपहर दो बजे से है। यहां एक भी आश्रित पंजीकृत नहीं मिला।
समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड में संचालित वृद्धाश्रम में निरीक्षण के दौरान 49 संवासी उपस्थित मिले। एक संवासी की मृत्यु पंजिका में दर्ज है। पंजीकरण रजिस्टर में 68 नाम दर्ज पाए गए। पंजीकृत एवं वास्तविक रूप से उपस्थित संवासियों की संख्या में गड़बड़ी मिली। व्यवस्थापक ने बताया कि 11 संवासी अनुपस्थित हैं व शेष संवासी पेंशन लेने एवं अस्पताल गए हैं। उपस्थित पंजिका के अनुसार सभी कर्मचारी उपस्थित मिले।
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संवासियों के मेन्यू चार्ट को क्रॉस चेक किया गया। भंडार गृह का निरीक्षण में स्टॉक रजिस्टर में दर्ज सामग्री मौके पर बहुत कम मात्रा में मिली। वृद्धाश्रम की मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करने पर स्टाफ नर्स गैरहाजिर मिली। इस पर अधिकारियों ने प्रबंधक को फटकार लगाई। निरीक्षण टीम में एडीजे प्रथम सुरेश चंद्र आर्य, विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट बीडी भारती, सीजेएम अंजू राजपूत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेनू यादव शामिल थी।
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