जालौन जिले में माधौगढ़ थाना क्षेत्र के सिरसाकलार में तीन साल पहले हुई युवक की हत्या के चार आरोपियों पर दोष साबित होने पर अपर सत्र न्यायाधीश बीडी भारती ने आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
सजा के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की पैरवी अपर शासकीय अधिवक्ता मोतीलाल पाल ने की है। जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि माधौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सिरसा दोगढ़ी निवासी ब्रह्मवीर सिंह ने नौ अगस्त 2018 को पुलिस को शिकायती पत्र दिया था।
बताया कि अरविंद सिंह अपने मकान के दरवाजे बैठा हुआ था। तभी वहां गांव के ही रणवेंद्र सिंह उर्फ सोनू, रोहित सिंह को बाइक पर बैठाकर शैलेंद्र सिंह के घर ले गए। जहां पर रणवेंद्र उर्फ सोनू, विश्वनाथ सिंह, उदय सिंह उर्फ कल्लू व शैलेंद्र सिंह ने एक राय होकर उसके साथ मारपीट की और फिर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
मृतक रोहित के चाचा ब्रह्मवीर सिंह ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों को जेल भेज कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। मामला न्यायालय अपर शास्त्र न्यायधीश प्रथम डीडी भारती की अदालत में चल रहा था।
जिसमें आठ गवाह पेश किए गए थे। न्यायाधीश ने दोनों वकीलों की दलीलें सुनने के बाद आरोप सिद्ध होने पर चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।