फोटो-12-मशाल जुलूस निकालते अखंड बुंदेलखंड राज्य के समर्थक। स्रोत-संगठन
उरई। अखंड बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर 16 फरवरी से चित्रकूट से शुरू हुई जन आक्रोश यात्रा बुधवार की देर शाम उरई पहुंची। यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि अब बुंदेलखंड राज्य निर्माण का संघर्ष ‘आर या पार’ की लड़ाई होगी।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जो जनप्रतिनिधि राज्य निर्माण के मुद्दे पर आवाज बुलंद नहीं कर रहे हैं, उनके असली चेहरे जनता के सामने लाए जाएंगे। निजी स्वार्थ और संपत्ति बढ़ाने में लगे नेताओं को जनता की अदालत में परास्त करने का आह्वान किया गया।
यात्रा 16 फरवरी को चित्रकूट में कामतानाथ मंदिर से शुरू होकर बांदा, पन्ना, दमोह, सागर, ललितपुर और दतिया होते हुए बुधवार की देर शाम जालौन जिले में पहुंची। यात्रा में शामिल लोगों ने जगह-जगह पर्चे बांटकर जनजागरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब अन्य भाषाई क्षेत्रों को उनका राज्य मिल चुका है तो बुंदेली भाषी क्षेत्र को अब तक अलग राज्य क्यों नहीं मिला। उरई कचहरी में अधिवक्ताओं से जनसंपर्क किया गया।
पर्चे वितरण के दौरान अधिवक्ताओं ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण का समर्थन करते हुए इसके संभावित लाभों पर प्रकाश डाला। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में महिला तालाब से मशाल जुलूस निकाला गया। आयोजकों का कहना है कि इससे यह संदेश गया है कि क्षेत्र की जनता शीघ्र राज्य गठन चाहती है।
यात्रा में रघुराज शर्मा, वरुण अग्रवाल, हनीफ खान, रामजी पारीछा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद सेंगर शहर अध्यक्ष राजकुमार वर्मा, डॉ. रेहान सिद्दीकी आदि रहे।