फोटो- 06 सड़क किनारे फैलाया कचरा। संवाद
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एट। कोंच ब्लॉक की ग्राम पंचायत पिरौना में सफाई व्यवस्था बदहाल है। गांव में जगह-जगह जमा कूड़ा-कचरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। आनन-फानन में सफाई के नाम पर जेसीबी से कचरे को हटाने के बजाय सड़क किनारे इधर-उधर फैला दिया गया। इससे मुख्य मार्ग पर गंदगी फैल गई है और उठ रही तेज दुर्गंध से ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो रहा है।
ग्राम पंचायत में सफाई के लिए 1.30 लाख रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद गांव में गंदगी का अंबार लगा होने का मामला सामने आया था। इस संबंध में अमर उजाला ने 15 अक्तूबर को ''''कागजों में पिरौना चकाचक, हकीकत में गंदगी खचाखच'''' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद गांव में जेसीबी से सफाई का काम कराया गया, लेकिन कचरे का उचित निस्तारण नहीं होने से समस्या और बढ़ गई।
ग्रामीणों के अनुसार, नालियों और रास्तों के आसपास जमा कूड़े को उठाकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के बजाय जेसीबी से इधर-उधर फैला दिया गया। कई दिनों से जमा कचरा फैलने के बाद उससे तेज दुर्गंध उठने लगी है। मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आसपास रहने वाले परिवारों को भी दुर्गंध के बीच रहना पड़ रहा है।
गांव के कृष्णकांत प्रजापति, पिंटू कुशवाहा, लल्ला कुशवाहा, शीतल पांचाल और हरिश्चंद्र पांचाल ने बताया कि गांव में नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा रहता है। सफाई के लिए मशीन तो लगाई गई, लेकिन कचरे को हटाने के बजाय सड़क किनारे फैला दिया गया। इससे समस्या का समाधान होने के बजाय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी और दुर्गंध के कारण रास्ते से निकलना मुश्किल हो रहा है। लंबे समय तक कचरा जमा रहने से मच्छर पनपने और संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है। बीडीओ कौशल किशोर गुप्ता ने बताया कि सफाई के लिए जेसीबी भेजी गई थी। अगर कोई कमी है तो उसकी जांच कराई जाएगी।