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शातिर अपराधी है फर्जी दरोगा

Sun, 06 Dec 2015 11:19 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
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एसटीएफ का फर्जी दरोगा बनकर लोगों के साथ ठगी करने का आरोपी शातिर अपराधी निकला, उसके खिलाफ औरैया जनपद में लूट व गैंगस्टर एक्ट की संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है। उसने पूछतांछ में जो कुछ बताया उससे पुलिस भी हैरत में पड़ गई। वह लोगों से काम करवाने के नाम पर ठगी करता है।
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सीओ जंगबहादुर सिंह ने स्थानीय कोतवाली सभागार में पत्रकारों को बताया कि चार दिन पहले एसपी एन कोलांचि से नागपुर निवासी प्रवीण गजानन मिला और उसने बताया कि उसकी पत्नी उरई की है। वह जबसे उरई आई है तब से वह वापस नहीं जा रही है। इस पर उसे एक एसटीएफ का दरोगा मिला जिसने मामलों के खुलासे करते हुए अपनी कई फोटो

दिखाईं तो वह झांसे में आ गया। फिर उसने उसको पत्नी दिलाने के नाम पर 25 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद वह जब भी वह उसे फोन करे तो वह बात टाल जाता था। इस शिकायत पर एसपी ने उरई कोतवाली प्रभारी आलोक सक्सेना व स्वाट टीम प्रभारी अनुराग शर्मा को कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर दोनों ने  मुहल्ला राजेंद्र नगर में छापा मार कर वहां
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किराए पर रह रहे जितेंद्र परिहार निवासी गांव भिटौली जगम्मनपुर थाना रामपुरा को गिरफ्तार कर उससे यूपी पुलिस की एक वर्दी स्टार के साथ, एक 315 बोर तमंचा, दो कारतूस, एक नकली पिस्टल व 10 हजार रुपये नगद व टाटा इंडिगां कार बरामद की। उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने कई वारदातें कबूल दीं। इसके बाद पुलिस ने औरैया पुलिस से संपर्क कर

उसका प्रोफाइल निकाला तो वह पांच हजार रुपये का इनामी बदमाश निकला। उस पर वहां लूट और गैंगस्टर में मामले भी दर्ज हैं। सीओ ने बताया कि आरोपी के अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है। इसने कई लोगों को ठगा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर जेल भेज दिया। एसपी ने टीम की सफलता पर 5 हजार रुपये के ईनाम देने की घोषणा की है।

साहब, कितना भी मार लो ये नहीं सुधरेगा
 शातिर अपराधी जितेंद्र की पत्नी अपने दो मासूम बच्चों के साथ उरई कोतवाली आई और पति को देखकर रोने लगी। उसने पुलिस को बताया साहब यह बहुत ही शातिर अपराधी है इसको कितना भी पीटो सुधरने वाला नहीं है। बताया कि पति के कारण ही वह निजी स्कूल में 1100 रुपये में नौकरी कर अपने बच्चों को पाल रही है।

गर्लफ्रेंड भी रखता है साथ
जितेंद्र की अय्याशी का खुलासा भी उसकी पत्नी ने किया। उसने बताया कि वह एक गर्लफ्रेंड को अपने साथ रखता है ताकि उसे कमरा लेने में परेशानी न हो। वह शादीशुदा बनकर कमरा किराए पर लेता है। इसके बाद वह वारदाताें को अंजाम देता है। कार से चलता है और दरोगा की वर्दी पहन कर वसूली करता है।

दुकानों से लिया फ्री सामान
स्वाट टीम में तैनात सिपाही बाबाराजा के नाम पर वह शहर की दुकानों पर जाकर उधार सामान ले आता था। जब सिपाही को इसकी जानकारी हुई तो वह भी अवाक रह गया। उसने बताया कि चांद मोबाइल से मोबाइल, शू की दुकान से जूते व फर्नीचर तक वह उधार ले आया और फिर कभी पैसे देने नहीं गया।
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