उरई। नित्य क्रिया के लिए गया मासूम पैर फिसलने से नहर में गिरकर डूब गया। खेत पर काम कर रहे परिजनों व ग्रामीणों ने उसकी खोजबीन की। इसके बाद परिजन जब नहर किनारे पहुंचे तो उसकी चप्पल व चड्डी पड़ी देख पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष संजय मिश्रा ने गोताखोरों की मदद से दूसरे दिन मासूम के शव को नहर में लगी झाड़ियों में बरामद कर लिया।
रेढ़र थाना क्षेत्र के ग्राम कुठौंदा निवासी सोनू का 6 वर्षीय बेटा अक्षय अपने दादा जी रामसनेही के साथ बुधवार की शाम तकरीबन तीन बजे मजदूरी पर मटर की फली तोड़ने गया था। इसके बाद उसका बाबा फली तोड़ने लगा और दौरान मासूम खेलते खेलते नहर की ओर चला गया और नित्य क्रिया करने के लिए चप्पल और चड्डी उतार दी और नित्यक्रिया करने लगा। अनुमान है कि उसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह नहर में डूब गया। जब देर शाम खेत पर मटर तोड़ रहे मजदूरों व बाबा को अक्षय नहीं दिखाई दिया तो उसकी तलाश करना शुरू की। नहर के पास उसकी चप्पल व चड्डी पड़ी दिखी।
इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मासूम की गोताखोरों की सहायता से तलाश कराई लेकिन देर रात तक उसका कहीं कोई पता नहीं चला। गुरुवार सुबह लगभग 9 बजे नहर के किनारे झाड़ियों में अक्षय का शव फंसा मिल गया। शव देख परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि मासूम अक्षय मानसिक रुप से बीमार भी रहता था। अक्षय के माता पिता पूना में रहकर पानी पूरी का काम करते हैं और उसकी हालत खराब देखते हुए उसे गांव में दादा जी के पास रखते थे। क्योंकि वह पूना में भी दो बार गुम हो चुका था और पुलिस के प्रयास से मिल भी गया था। जिसके चलते लगभग एक साल से गांव में ही मासूम रहता था। मासूम की मौत से घर में मातम छाया हुआ है।