हमारा भारत धरोहरों व संस्कृति के मामले में एक समृद्ध देश माना जाता है। धरोहरों को सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए युवाओं व छात्रों को आगे आना होगा। पूर्वजों से मिली धरोहर को हम सभी को सुऱक्षित रखना होगा ताकि हमारी संस्कृति जीवित रहे। यह बात विश्व धरोहर सप्ताह के उद्घाटन पर ी मुख्य अतिथि डी.ए.वी कालेज कानपुर की प्रो. सचिता घोष ने कही।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लखनऊ मंडल द्वारा चौरासी गुंबद कालपी में 19 से 25 नवंबर तक विश्व धरोहर सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य अतिथि प्रो. सचिता घोष ने कहा कि हमें अपने पूर्वजों से मिले महल, भवन, मंदिर आदि को आने वाली पीढ़ी के लिए सहेजना होगा। जो दिनचर्या बीत जाती है, वही हमारा इतिहास बन जाता है। पुरातत्व सर्वेक्षण लखनऊ
से आये डा. नरोत्तम पाठक ने कहा कि 1972 मे संयुक्तराष्ट्र संघ की हुई बैठक मे निर्णय लिया गया कि विश्व मे फैली धरोहरों को सुऱक्षित करने के लिए प्रतिवर्ष 19 नवंबर से विश्व धरोहर सप्ताह मनाया जायेगा। इसके तहत ही चौरासी गुंबद कालपी में आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी व छात्रों को धरोहर के महत्व व इसकी सुरक्षा के संबंध मेें जानकारी
देना है। कार्यक्रम में छात्राओं की चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है। साथ ही देश की धरोहरों के चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। यह कार्यक्रम 25 नवंबर तक चलेगा। पूर्व पुरातत्व अधिकारी डा.एआर सिद्दीकी व कानपुर इनटेक के तारिक अनवर, मनोज वर्मा, कानपुर व झांसी पुरातत्व के प्रभारी पी.के.के.रेड्डी ने कहा कि विश्व धरोहर संपूर्ण
मानवता की धरोहर होती है। इसे सुरक्षित रखने की सभी की जिम्मेदारी है। सीओ सुबोध गौतम ने भी इन्हे सुरक्षित रखने की बात कही। साहित्यकार अयोध्या प्रसाद कुमुद, डा.राजेंद्र
पुरवार व ब्रजेंद्र निगम ने लंका मीनार व जिले की अनेक धरोहरों की जानकारी दी। इसके बाद चित्रकला प्रतियोगिता में कालपी व कानपुर की छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन शमऊन अहमद ने किया।
निबंध व चित्रकला में निशा ने मारी बाजी
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लखनऊ मंडल की ओर से निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान आर्य कन्या इंटर कालेज की छात्रा निशा आरफीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में सर्वोदय इंटर कालेज, शारदा विद्यालय की छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। सफल छात्राओं में लायवा खान, प्रज्ञा, स्वाती सोनकर, शारदा गुप्ता, प्राची
गौतम, निधि, शिया गुप्ता, रिया गुप्ता, नेहा गुप्ता, सोनम, गौरी द्विवेदी, कोमल, प्रियांशी व कनीज फातिमा को पुरस्कृत किया गया। आर्य कन्या स्कूल की प्रिंसिपल नुजहत जहां व रागिनी पुरवार ने आभार जताया।