कई दिन की उमस के बाद शुक्रवार की दोपहर तेज बारिश होने के बाद बाढ़ का खतरा जिले में और बढ़ गया है। प्रशासन की सूचना के अनुसार जिले की पांच तहसीलों में 158 गांव बाढ़ की जद में आ गए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित गांव माधौगढ़ तहसील में हैं। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने अलर्ट जारी कर दिया है। अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि जालौन तहसील में 21 गांव बाढ़ के दायरे में चिह्नित
किए गए हैं। यहां चार चौकियां स्थापित कर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। उरई तहसील में बेतवा किनारे के 31 गांव बाढ़ से घिरे हैं। इनके लिए चार चौकियां स्थापित की गई हैं। कालपी तहसील में यमुना के तटवर्ती 33 गांवों को बाढ़ की जद में माना गया है। इस तहसील में सात चौकियां स्थिति के अनुरूप मुस्तैद कार्रवाई के लिए स्थापित की गई हैं। कोंच तहसील में पहुज किनारे के 33 बाढ़ प्रभावित
गांवों के लिए पांच चौकियां स्थापित की गई हैं। माधौगढ़ में पचनद के 38 गांव बाढ़ के खतरे की जद में हैं। इस तहसील में 7 चौकियां स्थापित की गई है। प्रत्येक चौकी के लिए एक-एक प्रभारी अधिकारी बनाया गया है जबकि 140 कर्मचारियों की तैनाती इन चौकियों में की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 96 चौकियों की व्यवस्था रखे जाने की जानकारी उन्होंने दी है। उधर, शुक्रवार को यमुना और बेतवा नदियों का जलस्तर स्थिर रहा।