फरियादी को पीली पर्ची देता दारोगा।
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अब पुलिस प्रार्थना पत्र लेकर फरियादियाें को टरका नहीं पाएगी। पुलिस की लापरवाही के कारण पीड़ित को भटकना न पड़े इसके लिए शहर के एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बढ़िया व्यवस्था की है। उन्हाेंने ‘अमर उजाला’ को बताया कि अब पुलिस फरियादियों का पूरा लेखा जोखा रखेगी। फरियादी को पीली पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पुलिस फरियादी को टरका नहीं पाएगी। एसपी ने चेतावनी दी
है कि जिस थाना या कोतवाली पर पीली पर्ची फरियादी को नहीं दी जाएगी उन पर कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि ऐसा देखने में आ रहा है कि फरियादियों के प्रार्थना पत्र अक्सर थाना व कोतवाली से गुम हो जाते हैं। इसे रोकने के लिए अब हर थाने व कोतवाली को एक रसीद वाला एक रजिस्टर उपलब्ध कराया जाएगा। थाने में जो भी फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचेगा। इस रजिस्टर में उसका
लेखा-जोखा दर्ज होगा और फरियादी को एक पीली रसीद काट कर दी जाएगी। रसीद में फरियादी की शिकायत का नंबर, जांच करने वाले दरोगा व सिपाही का नाम, हस्ताक्षर, मोबाइल नंबर और कार्रवाई का ब्योरा दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ऐसे मामले भी साफ होंगे जिसमें फरियादी उनके पास आकर बताते हैं कि वे थाने गए थे लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। इसके लिए हर थाना व कोतवाली पर एक दरोगा या फिर एचसीपी तैनात रहेगा जो आने वाले पीड़ितों के मामले लिखा पढ़ी में दर्ज करेगा।
महिला हिंसा की जांच जिम्मेदार अधिकारी करें
एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि महिला हिंसा व लड़की के अपहरण के मामले की जांच संबंधित थाना के थानेदार या कोतवाल ही करें। देखने में आ रहा है कि इन मामलाें में पुलिस कार्रवाई अधीनस्थाें के कंधों पर डाल देते है इससे पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। एसपी ने बताया कि वह मिसिंग परसन सेल के अधिकारियाें के साथ बैठक कर गुमशुदा लोगाें की तलाश के लिए मुहिम चलाएगें।