एट व भुआ के बीच चटकी पटरी को ठीक करने में जुटे रेलवे कर्मचारी।
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उरई-झांसी रेलवे का ट्रैक काफी पुराना हो गया है। जिस जगह पटरी चटकी थी वहां पर करीब पांच फीट तक पटरी जर्जर हालत में थी। इससे पहले कानपुर देहात के रूरा व पुखरायां में हुए रेल हादसे के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने खराब पटरियाें को बदलने के निर्देश दिए थे। बावजूद अब तक रेलवे ने ट्रैक के बदलने का काम शुरू नहीं किया। बुधवार को अगर छपरा एक्सप्रेस
इस चटके ट्रैक से गुजर जाती तो हादसा हो सकता था। तमाम रेल हादसाें के बाद भी अपनी रेलवे प्रशासन कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं ला रहा है और रेल यात्रियाें की जान से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहा है। बुधवार को चटकी पटरी से एलटीटी गुजर गई। इससे पटरी में दरार बड़ी हो गई। अगर इस पर से छपरा-बरौनी एक्सप्रेस गुजर जाती तो रूरा व
पुखरायां से भी बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर पहुंचे रिपोर्टर ने जब पटरी को गहनता से देखा तो वह काफी पुरानी लग रही थी। करीब पांच फीट तक पटरी जर्जर हालत में थी। इस संबंध में सक्षम अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई लेकिन किसी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
अब तो डराने लगा है ट्रेन का सफर
पटरी को लेकर झांसी कानपुर पैसेंजर, छपरा मेल और जन साधारण एक्सप्रेस ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा। इधर स्टेश्न पर ट्रेनों का इंतजार करते यात्रियों का कहना है कि लगातार हो रहे हादसों के चलते अब तो ट्रेन का सफर करने में भी डर सा लगने लगा है।
कहीं कोई साजिश तो नहीं
पुखरायां में रेल हादसे और मंधना में पटरी कटे होने के मामलों को संज्ञान में लेकर रेल अधिकारी किसी साजिश के बिंदु को भी नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं। जीआरपी के मुताबिक इस पर भी जांच पड़ताल की जा रही है।