उरई। नगर पंचायत की बोर्ड मीटिंग गुरुवार को एसडीएम नेहा ब्याडवाल और सीओ परमेश्वर प्रसाद की निगरानी में आयोजित हुई। पिछले लगभग एक साल में यह पहली बैठक थी, क्योंकि पिछली चार मीटिंग कैंसिल हो चुकी थीं। बैठक में नगर पंचायत के सभासदों ने अध्यक्ष पर मनमानी करने और प्रशासनिक पारदर्शिता न बनाए रखने के आरोप लगाए। सभासदों ने आरोप लगाया कि भुगतान रजिस्टर, प्रस्ताव रजिस्टर और जेम पोर्टल से खरीदी गई सामग्री की जानकारी नहीं दी जाती, न ही डीपीआर उपलब्ध कराया जाता है। इस पर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि सभी प्रस्ताव अब उचित रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे।
नगर पंचायत अध्यक्ष पूनम की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वार्ड नंबर 1 से जयंती देवी, वार्ड 2 से राजेश कुमार, वार्ड 3 से धर्म सिंह, वार्ड 4 से रवि यादव, वार्ड 5 से सुमन निरंजन, वार्ड 6 से रामस्वरूप गौतम, वार्ड 7 से गजेंद्र कुमार, वार्ड 8 से नंदकिशोर, वार्ड 9 से रहमानी, वार्ड 10 से सरलेश कुमारी, वार्ड 11 से सुनील कुमार और वार्ड 12 से भगवती शरण गुप्ता ने बैठक में सक्रिय भागीदारी दिखाई। बैठक में नगर के विकास और सुधार के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। मुख्य रूप से नगर में स्वच्छता, सुरक्षा, जल निकास और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। नगर में पानी निकासी की समस्या को देखते हुए आधा दर्जन बड़े नालों और करीब 50 छोटी नालियों के निर्माण का निर्णय लिया गया। इससे नगरवासियों को बारिश के पानी और गंदे पानी के जमा होने से होने वाली असुविधा से राहत मिलेगी। सभासदों ने यह भी मांग की कि पिछले ठेकेदार जो कार्य में देरी कर चुके हैं या काम नहीं कर रहे, उन्हें ब्लॉक लिस्ट किया जाए ताकि भविष्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित हो।
नगर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वेस्ट प्लांट का निर्माण प्रस्तावित किया गया। इसके अलावा, सफाई, पानी और रोशनी के लिए मशीन जैसे उपकरणों की आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट की खरीद पर भी चर्चा हुई। 100 सड़कों के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, ताकि नगरवासियों को साफ और सुव्यवस्थित परिवेश मिल सके। नगर को सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 200 से 300 सीसीटीवी कैमरे प्रमुख चौराहों और मुख्य भवनों के आसपास लगाए जाएंगे। इनकी मॉनिटरिंग सीधे पंचायत द्वारा की जाएगी। इससे नगर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। कान्हा गोशाला में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा और गोवंशों के लिए दो नए कक्ष बनाए जाएंगे। इसके अलावा, आवारा गोवंशों को पकड़ने के लिए कैटल कैचर की आपूर्ति की जाएगी। नगर में पार्कों के लिए जगहों का चिह्रांकन भी करने का प्रस्ताव रखा गया। नगर पंचायत कार्यालय में स्टोर रूप के लिए विशेष कक्ष का निर्माण होगा।
स्वच्छता वातावरण समिति में सभासदों को अध्यक्ष बनाने पर भी चर्चा हुई, जिस पर सभी ने सहमति जताई। नगरवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत से डेथ बॉडी फ्रीजर और शव वाहन की व्यवस्था की जाएगी। इससे नगर में शवों को सुरक्षित रखने और समय पर अंतिम संस्कार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। नगर को सुंदर और व्यवस्थित दिखाने के लिए प्रवेश द्वार, साइनिंग बोर्ड और अन्य सजावटी कार्यों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों और नगर की पहचान बढ़ाने वाले निर्माण कार्य प्रस्तावित किए गए।
बैठक में लगभग हर मुद्दे पर सर्वसम्मति बनी, चाहे वह स्वच्छता उपकरण की खरीद हो, सड़कों और चौराहों का नामकरण, सुरक्षा कैमरों की व्यवस्था या नगर के सौंदर्यीकरण के कार्य। नगरवासियों की सुविधा, सुरक्षा और विकास के लिए यह बैठक ऐतिहासिक मानी जा रही है।