उरई। जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बुधवार को हुई बैठक में डीएम राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि जिला, महिला अस्पताल या किसी चिकित्सा इकाई में अवैध वसूली मिली तो अब अनुशासनात्मक कार्रवाई के बजाय संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कदौरा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. विनोद की गैरहाजिरी पर नाराजगी जताई और एनएचएम के डीपीएम डॉ. प्रेमप्रताप से कार्यवाही से संबंधित पत्रावली प्रस्तुत न करने पर नाराजगी जताई।
बैठक में बताया गया कि नई लेखा व्यवस्था के अंतर्गत कर्मचारियों का वेतन एवं आशा मानदेय का भुगतान नवंबर 2025 तक पूर्ण कर लिया गया है। एचएमआईएस पोर्टल में दर्ज सूचनाओं की तुलना में प्रगति कम मिलने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। निर्देश दिए कि वर्क प्लान पोर्टल से जनरेट की गई कार्ययोजना के अनुरूप सभी आंकड़े समय से अपडेट करें। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में कदौरा, कोंच, जालौन, कालपी, माधौगढ़, कुठौंद ब्लॉक व मेडिकल कॉलेज की प्रगति ठीक न होने पर 15 दिवस के भीतर शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी चिकित्सकों को अपनी ओपीडी एवं लैब टेस्ट की प्रगति रिपोर्ट में सुधार लाने को भी कहा। एनआरसी में कम भर्ती संख्या पर नाराजगी जताते हुए सुधार करने के लिए कहा। सीएचसी कोंच, कालपी, जालौन, माधौगढ़, जिला महिला चिकित्सालय एवं पुरुष चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञों को ओपीडी के दौरान न्यूनतम 10 बच्चों प्रतिमाह चिन्हित कर एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए।
ई-कवच पोर्टल पर वीएचएसएनडी सत्रों में एएनसी पंजीकरण की समीक्षा में छिरिया, कदौरा, पिंडारी, महेवा व नदीगांव इकाइयों की प्रगति जनपद औसत से कम पाई गई, जिस पर सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी माह में सभी स्वास्थ्य इकाइयां अपने-अपने स्तर पर प्रगति में ठोस सुधार लाना सुनिश्चित करें, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी। इस दौरान सीडीओ डॉ.डीके भिटौरिया, सीएमएस डॉ.आनंद उपाध्याय आदि रहे।